डीडीहाट (पिथौरागढ़)। केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड के कई स्कूलों को पीएमश्री का दर्जा देकर इनमें विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देने की योजना दम तोड़ रही है। डीडीहाट का जीजीआईसी इसका प्रमाण है। स्व. माधो सिंह जंगपांगी राजकीय इंटर कॉलेज को पीएमश्री का दर्जा देने की फाइल छह माह से शासन में अटकी है।
स्व. माधो सिंह जंगपांगी राजकीय इंटर कॉलेज को पीएमश्री बनाने की शिक्षा विभाग ने छह महीने पहले प्रक्रिया शुरू की। विद्यालय प्रशासन ने पीएमश्री के मानकों के अनुरूप फाइल तैयार की। विद्यालय मानकों की कसौटी पर खरा उतरा और इसकी फाइल शासन में भेज दी गई। लंबा समय बीतने के बाद भी यह फाइल शासन में अटकी है और यह विद्यालय पीएम का दर्जा मिल सुविधाओं के विस्तार की राह देख रहा है। यहां पढ़ने वाले 250 विद्यार्थियों को भी उम्मीद थी कि उनके विद्यालय को पीएमश्री का दर्जा मिलेगा और उन्हें अपने भविष्य के सपने को साकार करने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी लेकिन अब तक इस मामले की फाइल शासन में अटकी हुई है।
पीएम श्री बनता तो होता सुविधाओं का विस्तार
अगर विद्यालय को पीएमश्री का दर्जा मिलता तो यहां का सालाना बजट दोगुना हो जाता। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की अस्थायी तौर पर नियुक्ति करने का अधिकार प्राप्त हो जाता। स्कूल भवन के लिए करोड़ों की धनराशि केंद्र के सहयोग से मिलती। वहीं, खेल मैदान के साथ खेलों को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त धन भी मिलता।
कोट
जीआईसी डीडीहाट को पीएमश्री बनाने की कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। स्थानीय स्तर पर फाइल बनाने का काम पूरा कर मार्च में इसे शासन को भेज दिया गया था। - प्रेम सिंह पापड़ा, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी, डीडीहाट