उत्तराखंड लघु जल विद्युत निगम मार्च-2017 तक पांच मेगावाट क्षमता वाली सुरिंगगाड़ (द्वितीय) लघु विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य पूरा कर देगा। परियोजना की बिजली मुनस्यारी नगर के साथ-साथ आसपास के गांवों को दी जाएगी। इस समय मुनस्यारी के लोगों को बिजली के लिए ग्रिड पर निर्भर रहना पड़ता है। सुरिंगगाड़ में उत्पादित बिजली को दरांती में बनाए गए यूपीसीएल के सब स्टेशन तक लाया जाएगा।
लघु जल विद्युत निगम के उपमहाप्रबंधक जीएस बुदियाल ने बताया कि सुरिंगगाड़ में बिजली उत्पादन के लिए 2.5 मेगावाट के दो टरबाइन लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरिंगगाड़ में पहले बनी परियोजना 2013 में आपदा की भेंट चढ़ गई थी। तब परियोजना स्थल से दरांती सब स्टेशन तक बिजली पहुंचाने के लिए 11 केवी की लाइन बिछाई गई थी लेकिन इस बार लाइन की क्षमता को बढ़ाकर 33 केवी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरिंगगाड़ से पैदा होने वाली बिजली पूरे मुनस्यारी तहसील को वितरित करने के बाद भी बच जाएगी, उसे ग्रिड को दिया जाएगा।
बता दें कि मुनस्यारी के लोगों को जून 2013 से ग्रिड की लाइन से बिजली दी जा रही है। पिथौरागढ़ से डीडीहाट, थल होते हुए जाने वाली इस लाइन की लंबाई बहुत ज्यादा है। इस कारण इसमें अक्सर खराबी आती रहती है और मुनस्यारी में बिजली का संकट बना रहता है। श्री बुदियाल का कहना है कि सुरिंगगाड़ परियोजना से उत्पादन शुरू होने के बाद बिजली का संकट समाप्त हो जाएगा।