गांव के लोग आज भी अफसरों के सामने छोटी-छोटी समस्याएं उठाते हैं। बिजली के बिलों में गड़बड़ी होना, बंदरों, जंगली जानवरों का आतंक, आधार कार्ड बनाने के लिए ग्राम स्तर पर कैंप लगाने जैसी समस्या उठा रहे हैं। जिला मुख्यालय से सटे सातशिलिंग गांव में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत पहुंचे तो लेकिन समाधान किसी समस्या का नहीं हो पाया। लोगों ने समस्याएं उठाकर अपना मन हल्का जरूर किया।
बैठक में सातशिलिंग के पूर्व ग्राम प्रधान भगवान सिंह और जीबी मयकोट निवासी शमशेर चंद ने कहा कि ऊर्जा निगम 15 से 20 हजार रुपए तक के बिजली के बिल भेज रहा है। गरीब परिवार किस तरह इसे भुगतान कर सकता है। डीडीओ ने कहा कि अधिक बिल वाले लोगों की सूची को सामूहिक प्रार्थना पत्र के साथ ऊर्जा निगमको भेजें। उन्होंने कहा कि इस बारे में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बात करके बिलों को ठीक करने और हर माह रीडिंग लेकर बिल भेजने को कहा जाएगा। लोगों ने कहा कि गांव में अधिकतर लोगों के आधार कार्ड नहीं बने हैं, आधार कार्ड बनाने के लिए गांव में कैंप लगाए जाने चाहिए।
डीडीओ ने कहा कि नगर क्षेत्र के बाद गांव स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। ग्रामीणों द्वारा बंदरों की समस्या उठाने पर डीडीओ ने कहा कि सरकार इस दिशा में योजना बना रही है। लोगों ने दूसरे के मकान में रह रही जीबी मयकोट की रेखा देवी और सातशिलिंग के विकलांग लक्ष्मण सिंह को मकान दिलाने की मांग भी बैठक में उठी। बैठक में मूनाकोट के बीडीओ एसएस धर्मशक्तू, मनरेगा के जेई हरगोविंद, वीडीओ राजेंद्र सिंह ग्वाल, महेंद्र बिष्ट, ग्राम रोजगार सहायक मनोज खड़ायत आदि मौजूद थे।