खतरे की जद में आया लटकोट प्राथमिक स्कूल का भवन
- फोटो : अमर उजाला
आपदाग्रस्त धामीगांव क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस गांव के प्राथमिक विद्यालय लटकोट का भवन आपदा से खतरे की जद में पहुंच चुका है। लटकोट में पैदल रास्ते और पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। कई बार सूचना देने पर भी प्रशासन ने इस क्षेत्र की सुध नहीं ली है। इस मामले में भाजपा ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर आपदाग्रस्त क्षेत्र की समस्याओं के समाधान करने की मांग की। कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाजपा क्षेत्रीय जनता को साथ लेकर भूख हड़ताल करेगी।
भाजपा के पूर्व विस क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया ने डीएम को सौंपे पत्र में कहा कि आपदा के कारण प्राथमिक विद्यालय लटकोट शिक्षण कार्य के लायक नहीं रह गया है। विद्यालय भवन पूर्ण रूप से खतरे की जद में आ चुका है। भवन की सुरक्षा दीवार एवं चहारदीवारी आपदा के भेंट चढ़ चुकी है और मुख्य भवन भी टूटने लगा है, लेकिन अब तक शिक्षा विभाग ने इस विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जबकि शिक्षकों ने खतरे को देखते हुए गांव में ही दूसरे स्थान पर कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है।
इसके अलावा धामीगांव सड़क से लटकोट तक बना पैदल मार्ग जानलेवा हो गया है। जगह-जगह पर पैदल मार्ग टूट गया है। पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप है। लोग बारिश के समय गंदा पानी पीने को मजबूर है। डीएम एचसी सेमवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि विद्यालय भवन की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करें।