पिथौरागढ़। जर्जर हाल सरस्वती के मंदिरों की तस्वीर बदलने के लिए लक्ष्मी मेहरबान हो गई हैं। जिले के 14 स्कूलों में जल्द सुधारीकरण और मरम्मत का कार्य शुरू होगा। इसके लिए विभाग को 62 लाख रुपये मिले हैं। इन विद्यालयों का कायाकल्प होने से विद्यार्थियों को खतरे से मुक्ति मिलेगी और उनके परिजनों को भी बच्चों की चिंता नहीं सताएगी।
सीमांत जिले में कई सरकारी विद्यालयों की हालत दयनीय है। जर्जर विद्यालयों की छत टपकने, दीवारों पर दरारें और उखड़े हुए फर्श पर बैठकर बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हैं। कई स्कूलों की हालत तो ऐसी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें बरामदे या खुले आसमान के नीचे बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। अमर उजाला ने कैसी है पाठशाला अभियान के तहत जिलेभर के जर्जर हाल विद्यालयों की स्थिति को उजागर किया था।
बीते दिनों शिक्षा विभाग ने जर्जर विद्यालयों के सुधारीकरण का सर्वे कर इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया। आखिरकार 14 जर्जर विद्यालयों के सुधारीकरण के लिए विभाग को धन मिला है। 62.19 लाख रुपये से विद्यालयों का सुधारीकरण होगा। काम पूरा होने के बाद इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 600 से अधिक विद्यार्थियों को खतरे से मुक्ति भी मिलेगी।
नए कक्ष बनने से जगह की दिक्कत होगी दूर
विभाग के मुताबिक, इस धनराशि में कुछ विद्यालयों में नए कक्ष भी बनेंगे। प्रार्थना स्थल का भी विस्तार किया जाएगा। ऐसे में साफ है कि नए कक्ष बनने से जगह की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को इससे राहत मिलेगी। विभाग के मुताबिक, ग्रामीण निर्माण विभाग, जिला पंचायत, विकास विभाग को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है।
विद्यालयों में मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत धनराशि
विद्यालय धनराशि
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुंगली 3,85,000
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तोली 12,31,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मंजीरकांडा 99,000
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चौडमन्या 1,00,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लीमाभाट 96,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जामिरपानी 1,00,000
राजकीय जूनियर हाईस्कूल लीमाभाट 6,51,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गणकोट 3,63,160
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जड़तोला 2,66,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बडेत 3,54,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय तड़ीगांव 6,61,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जगथली 4,88,000
राजकीय जूनियर हाईस्कूल कूटा कन्याल 9,47,000
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढढखोला 4,78,728
कोट
विद्यालय भवनों के सुधारीकरण के लिए स्वीकृति मिली है। कार्यदायी संस्थाओं को धन आवंटित हो चुका है। जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - तरुण कुमार पंत, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक, पिथौरागढ़