जौलजीबी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार
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जौलजीबी मेले में सोमवार रात विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। स्थानीय कलाकारों और बच्चों को मेला प्रशासन की ओर से विशेष मौका दिया गया। पहाडा जनम मेरो के भली लागूंछ, गीत के माध्यम से बच्चों ने पहाड़ के प्रति प्रेम को दर्शाने की कोशिश की।
बच्चों ने कुमाऊंनी, पंजाबी, असमी, नेपाली कार्यक्रमों से सभी का मन मोहा। विद्यालयी कार्यक्रमों में विद्यामंदिर, जीआईसी बलुवाकोट, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बलुवाकोट, जीआईसी बरम, जीआईसी जौलजीबी, शिशुमंदिर जौलजीबी आदि विद्यालयों के बच्चों ने कई प्रस्तुतियां दी। स्थानीय कलाकारों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत लोकगीत एवं लोक नृत्य को लोगों ने विशेष पसंद किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले को देखते हुए झूलापुल से रात 10 बजे तक आवागमन हो रहा है।
मंच संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करन थापा, डीएन भट्ट ने किया। रात को आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार आइबी मल्ल, पेशकार खीमानंद भट्ट, दारमा सामाजिक एवं विकास समिति के महासचिव जगत सिंह दताल, शंकर भट्ट, शकुंतला दताल, जानकी बुर्फाल, राजू बुर्फाल आदि मौजूद थे। जौलजीबी मेले में शांति व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। रात में मेला स्थल पर हंगामा रोकने के लिए पिछले दो दिनों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।