मुवानी(पिथौरागढ़)। मुवानी घाटी के लोग 15 सूत्री मांगों पर 15 सितंबर से तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी न होने पर क्षेत्र के लोगों ने 17 सितंबर से आमरण अनशन शुरू करने का एलान किया है।
रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमल दीप सिंह, पूर्व शिक्षक राम सिंह राठौर, दिगरा-मुवानी के प्रधान जगत सिंह मेहता, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष श्याम सिंह कार्की ने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, मोटर पुल, झुलापुल और छोटी प्रशासनिक इकाइयों के सृजन की मांग पूरी न होना गंभीर है। इन सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की बड़ी आबादी परेशानी झेल रही है। इन समस्याओं के समाधान से क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर होंगी। इससे क्षेत्र में पलायन भी रुकेगा। हैरानी है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीर नहीं है। ऐसे में अब हमें आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है।
ये हैं क्षेत्र की मांगें
मुवानी को नगर पंचायत, तहसील और विकासखंड का दर्जा देने, महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर बीएससी व बीकॉम तथा स्नातकोत्तर स्तर पर एमए की कक्षाओं का संचालन, पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने, मुवानी में उपकोषागार की स्थापना, बाराबीसी और रामगंगा घाटी के शवदाह स्थल कमतोली, केदारेश्वर तक सीसी मार्ग, सूनी-बोकटा सड़क पर डामरीकरण, केदारेश्वर-कमतोली मोटर पुल, रैतोली-मायल-मुवानी मोटर पुल, पीपलतड़-मुवानी मोटर पुल का निर्माण, ताड़केश्वर गधेरे में छोटे डैम का निर्माण कर लघु जलविद्युत परियोजना और ताड़केश्वर घाटी के समस्त गांवों को सोलर पंपिंग योजना से पानी उपलब्ध कराना, मुवानी बाजार में बाईपास, गंगोरा-डिगौटी और एकलवागड़ा-इड़कानी झूलापुल का निर्माण, पुराना बाजार मुवानी से डिग्री कॉलेज तक सड़क निर्माण, मुवानी में खेल मैदान, सरकारी अतिथि गृह का निर्माण।