मंच (चंपावत)। सीमांत क्षेत्र तल्लादेश की ग्राम पंचायत सौराई में सड़क न होने का खामियाजा एक बार फिर एक बीमार युवती को भुगतना पड़ा। आकस्मिक इलाज के लिए ग्रामीणों को पहले उसे सात किलोमीटर तक डोली के सहारे पैदल ले जाना पड़ा, जिसके बाद आगे का चार किलोमीटर का सफर घोड़े पर बैठाकर पूरा कराया गया। इस तरह बेहद जोखिम भरे रास्तों से 11 किलोमीटर की दूरी तय कर उसे अस्पताल पहुंचाया जा सका।
ग्राम पंचायत सौराई निवासी रेखा (20) पुत्री बच्ची सिंह के पेट में 27 जून शुक्रवार से हल्का दर्द हो रहा था। शनिवार रात दर्द अचानक बढ़ गया। गांव तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण उसे अस्पताल पहुंचाना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। परिजनों ने रविवार सुबह आस-पास के ग्रामीणों को सूचना दी। मानवता का परिचय देते हुए ग्रामीणों ने रेखा को करीब सात किलोमीटर आधे रास्ते तक डोली के सहारे पहुंचाया। इसके बाद उसे लगभग पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क मंच तक घोड़े के माध्यम से लाया गया।
परिजनों ने इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस सेवा की सहायता ली। इसके जरिए रेखा को इलाज के लिए 30 किमी से अधिक जिला अस्पताल चंपावत पहुंचाया गया। मरीज को डोली में लाने वाले सचिन और राहुल ने बताया कि वे सुबह करीब आठ बजे गांव से निकले। पूरे रास्ते युवाओं ने बिना रुके डोली को कंधों पर उठाए रखा। युवती को अस्पताल पहुंचाने संवाद
- आज भी हमारे गांव में सड़क सुविधा का अभाव बेहद दुखद है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए युवाओं को डोली उठाकर चलना पड़ता है। सरकार को जल्द से जल्द गांव तक सड़क सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।
सोनू बोहरा, युवा, ग्राम पंचायत सौराई
- मरीज को कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीण डोली के सहारे मरीजों को कब तक अस्पताल पहुंचाते रहेंगे। सौराई गांव को सड़क सुविधा बेहद जरूरी हो गया है।
नवीन सिंह बोहरा, युवा, ग्राम पंचायत सौराई
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सीमांत तल्लादेश के ग्राम पंचायत सौराई में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चार के तहत सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित है। प्रक्रिया गतिमान है। अक्तूबर 2026 में कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। मनीष कुमार, डीएम, चंपावत।