लोग चाहते हैं कि बस्तड़ी का नया गांव ऐसा बने कि यह पूरे प्रदेश के लिए आदर्श का नमूना बन जाए। डीडीहाट के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कहा कि वह बस्तड़ी के लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। उनको सरकारी स्तर की जो भी मदद चाहिए, उसे पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारी अन्य तरह का सहयोग देने को भी तैयार हैं।
मिनिस्टीरियल कर्मचारी संगठन का मानना है कि बस्तड़ी से निकली यह आवाज बड़ा संदेश देगी और पहाड़ से पलायन रोकने में कारगर साबित होगी। बस्तड़ी के लोगों ने जो आदर्श पेश किया है वह सराहनीय है। कर्मचारी कहते हैं कि इस संकल्प के साथ बस्तड़ी के लोग जल्दी ही उबर जाएंगे।
नए बस्तड़ी को आदर्श गांव बनाया जाए
मिनिस्टीरियल कर्मचारी एसोसिएशन की तहसील शाखा के अध्यक्ष दीप चंद्र पाटनी का कहना है कि नए बस्तड़ी को आदर्श गांव का दर्जा मिलना चाहिए। एक आदर्श गांव की जो भी न्यूनतम जरूरतें होती हैं, उनको पूरा किया जाए। वहां पर बिजली, पानी, सड़क, संचार, शिक्षा, चिकित्सा की सुविधा हो। इसके बाद यह होगा कि यह गांव पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन जाएगा।
बस्तड़ी के लोगों ने बड़ा संदेश दिया
मिनिस्टीरियल कर्मचारी एसोसिएशन के वीरेंद्र दिगारी कहते हैं कि बस्तड़ी के लोगों ने पूरे देश को बड़ा संदेश दिया है। ऐसा शायद कम ही हुआ होगा जब आपदा से पीड़ित लोग अपने पांवों पर खड़े होने का साहस दिखाते हैं। वह कहते हैं कि बस्तड़ी के लोगों को जिस स्तर पर भी मदद चाहिए होगी, वह की जाएगी। बस्तड़ी के लोग बिना संकोच आकर अपनी समस्या बताएं।
बस्तड़ी के लोगों के साहस की दाद
मिनिस्टीरियल कर्मचारी नवीन जोशी का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों को सरकारी कागजात तैयार करने पड़ेंगे। उसमें उनका संगठन पूरा सहयोग करेगा। वह कहते हैं कि आपदा पीड़ितों की अधिकतम सहायता के लिए सभी कर्मचारी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बस्तड़ी के लोगों के प्रति सहानुभूति भी है और उनके साहस की दाद भी देनी होगी।
उत्साह बनाए रखें बस्तड़ी के लोग
मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के सदस्य फकीर सिंह सामंत ने कहा कि बस्तड़ी के लोगों को अपना उत्साह बनाए रखना होगा। वह आगे किसी भी अड़चन को देखकर न रुकें। उनको चाहिए कि जो संकल्प ले लिया है उसे पूरा किया जाए चाहे उसमें कितनी ही बाधाएं क्यों न आ जाएं। बस्तड़ी को नया बसाना है और इसमें सभी का सहयोग मिलेगा।