यहां हुई रं कल्याण संस्था की बैठक में संस्था के संग्रहालय को आधुनिक रूप देने का फैसला लिया गया ताकि यहां आने वाले पर्यटकों समेत कैलास मानसरोवर यात्रियों को रं संस्कृति के बारे में जानकारी मिल सके। संग्रहालय में प्राचीन वस्तुओं समेत रं समाज में प्रचलित गहने, वेशभूषा आदि को भी रखा जाएगा।
रं कल्याण संस्था की बैठक बृहस्पतिवार को एनएस नपलच्याल की अध्यक्षता में हुई। कहा गया कि संग्रहालय में अभी कई कमियां रह गई हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने, उनको यहां की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए इसे आधुनिक रूप दिया जाएगा।
धारचूला आने वाले पर्यटकों को देखने लायक कोई जगह नहीं मिलती। अब संग्रहालय को ही ऐसा रूप दिया जाएगा कि वह पर्यटकों को आकर्षित कर सके। अशोक नबियाल ने कहा कि इसका लाभ धारचूला आने वाले कैलास मानसरोवर, छोटा कैलास, पंचाचूली बेस कैंप, नारायण आश्रम जाने वाले पर्यटक भी ले रहे हैं।
रं कम्यूनिटी स्कूल के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में महिमन सिंह हयांकी, कुसुम गर्ब्याल, राजेंद्र रौकली, दीवान सिंह पतियाल, देवकृष्ण फकलियाल, जीबी बोरा, अमर बोरा, जीवन रौंकली आदि थे।