पिथौरागढ़। लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिलने और सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों को हटाने के विरोध में जाग उठा पहाड़ ने जल संस्थान का पुतला फूंका। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को जाग उठा पहाड़ के संयाेजक गोपू महर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जल संस्थान के गेट पर प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। इस अवसर पर संयोजक महर ने कहा कि गर्मी के मौसम में पिथौरागढ़ नगर की जनता को जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल रहा है। जल संस्थान ने कई स्थानों पर लगे सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों को हटा दिया है। उन्होंने अधिकारियों पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। कहा कि स्टैंड पोस्ट बंद होने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर नगर की जनता को साथ लेकर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी। पुतला फूंकने वालों में करणी अधिकारी, भूपेश जोशी, दीपक भट्ट आदि शामिल थे।
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टैंकर पीपल की छांव के नीचे खड़े हैं
पिथौरागढ़। जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर ने कहा कि जनता पानी के लिए तरस रही है। जल संस्थान के अधिकारी टैंकर पानी बांटने में लगे होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संस्थान के टैंकरों को पीपल के पेड़ की छांव में खड़ा किया गया है। संवाद
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पेयजल संकट गहराया, लोगों ने दी धरने की चेतावनी
पेयजल स्रोतों में 60 फीसदी से अधिक की आ गई है कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही नगर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों में करीब 60 फीसदी से अधिक की कमी आ गई है। इस कारण पेयजल व्यवस्था बनाने में जल संस्थान के पसीने छूट रहे हैं। लोगों ने जल्द पेयजल समस्या का समाधान न होने पर एसडीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
जल संस्थान के पेयजल कनेक्शन में मात्र 20 मिनट पानी मिल रहा है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था को लेकर लोग सुबह चार बजे से ही अक्कलधारे, नर्सरी गधेरे, हैंड पंप नौलों की दौड़ लगा रहे हैं। स्रोतों में भी पेयजल की कमी आने से पेयजल समस्या अधिक बढ़ गई है। पूर्व पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा और कविता खर्कवाल ने कहा कि समस्या का समाधान न होने पर लोग जल्द ही एसडीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे।
जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि बारिश न होने के कारण अधिकतर पेयजल स्रोत सूख गए हैं, जबकि कई स्रोतों में 60 फीसदी से अधिक की कमी आ गई है। नगर के लिए बनी चार योजनाओं से केवल 450 केएल पानी ही मिल पा रहा है। जबकि नगर में प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है। बताया कि स्रोतों के अलावा टैंक से आपूर्ति की जा रही है।