मलबे से इस तरह पट गया हरड़िया का वैली ब्रिज
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर स्थित हरड़िया का वैली ब्रिज बुधवार रात क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण ज्यादा खतरे में आ गया है। ब्रिज के एक तरफ की दीवार के पास भूकटाव होने लगा है, जबकि ब्रिज के निचले हिस्से में नाले का सारा मलबा इस कदर पट गया है कि वह किसी भी समय ब्रिज को बहा सकता है। लोनिवि की टीम मौके पर तैनात है और मलबे को हटाने के उपायों पर गौर किया जा रहा है। वैली ब्रिज को नाले के खतरे से बचाने के लिए सतह से दस मीटर की ऊंचाई पर रखा गया था, लेकिन बुधवार रात की बारिश से मलबा ब्रिज को छूने लगा है।
लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे ने बताया कि ब्रिज के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। नाले के साथ बहकर आ रहा मलबा ठीक ब्रिज के नीचे जमा हो रहा है। उसकी निकासी नहीं हो पा रही है। अब नाले में जेसीबी उतारकर मलबा हटाने की कोशिश की जाएगी। हरड़िया नाला नया बस्ती की पहाड़ी से निकलता है। नया बस्ती की पहाड़ी में 2010 से लगातार भूकटाव हो रहा है। तब से लोनिवि के लिए हरड़िया नाला सिरदर्द का कारण बना हुआ है।
समस्या के समाधान के लिए पिछले वर्ष नाले में वैली ब्रिज का निर्माण किया गया, लेकिन इससे भी कोई समाधान नहीं हुआ, यदि खतरे को देखते हुए ब्रिज को बंद किया जाता है तो एक बार फिर से थल-मुनस्यारी मार्ग पर आवागमन ठप हो जाएगा।
डोजर ड्राइवर का मोबाइल मलबे में गिरा
हरड़िया नाले के पास मलबा हटाने के लिए तैनात किए गए बुलडोजर के ड्राइवर जमन सिंह का मोबाइल बृहस्पतिवार को मलबे में गिर गया। मोबाइल अभी नहीं मिला है। जमन सिंह ने बताया कि फोन में कई महत्वपूर्ण नंबर थे। अब दिक्कत आने लगी है।