गणाई गंगोली की प्राथमिक पाठशाला के बरामदे में बैठे बच्चे
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विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट मिलने के बाद भी जर्जर हो चुके भवनों में स्कूलों का संचालन किया जा रहा। इससे नौनिहालों की जिंदगी दांव पर लगी है।
वर्ष 1971 में बने प्राथमिक विद्यालय गणाईगंगोली का भवन जर्जर हो चुका है। स्कूल भवन की छत और दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कमरे कक्षा संचालन लायक नहीं रह गई हैं। क्षतिग्रस्त बरामदे में पढ़ाई होती है। बरसात में पढ़ाई में बाधा पहुंचती है। भवन इतना जर्जर हो गया है कि कभी भी गिर सकता है।
व्यवस्था की नाकामी से विद्यालय में पढ़ने वाले 22 बच्चे खतरे के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय प्रबंधन स्कूल भवन की मरम्मत की मांग लगातार उठा रहा है, लेकिन विभाग और सरकार हरकत में नहीं आ रही है। अभिभावकों ने कहा कि नया विद्यालय भवन बनाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। विद्यालय में पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात हैं।
गणाईगंगोली प्राथमिक विद्यालय भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द ही भवन के लिए धनराशि स्वीकृत होने की उम्मीद है।
-केके पंत, खंड शिक्षाधिकारी, गंगोलीहाट