धारचूला से गुंजी के लिए हेलीकाप्टर से जाने को तैयार सीमांत के लोग
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सीमांत के दारमा, चौदांस, व्यास घाटी के गांवों में इन दिनों लोकदेवता ह्या नमज्युंग, न्युंगटांग, देवी माता गबला, बप्पा, गुलच, थकपंग पूजा की धूम मची है। धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से बड़ी संख्या में लोग पूजा कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं। हेलीकॉप्टर रोजाना तीन-चार उड़ान भर रहा है। सीमांत के जनजातीय गांवों में अगस्त (श्रावण शुक्ल पक्ष से पूर्णिमा तक) विशेष पूजा होती है।
लोगों का मानना है कि श्रावण में सभी देवी-देवता कैलास में शिव दर्शन को आते हैं, इसीलिए कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग के गांवों में इन दिनों विशेष पूजा होती है। पूजा में भाग लेने के लिए देश के अन्य शहरों में कार्यरत लोग भी अनिवार्य रूप से पहुंचते हैं। गर्ब्यांग, गुंजी, कुटी, दुग्तु, नागलिंग गांवों में इन दिनों पूजा के खास कार्यक्रम चल रहे हैं। इन कार्यक्रमों में भाग लेने का लोग प्रयास करते हैं।
सीमांत के इन गांवों को पहुंचने के लिए पैदल रास्ते और सड़क मार्ग टूटने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही थी। पैदल दूरी ज्यादा होने से अधिकतर लोग पूजा में शामिल नहीं हो पा रहे थे। इधर, शासन ने धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग तक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू कर दी है। पायलट कर्नल प्रकाश चंद्र व्यास ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया तो सेवा लगातार जारी रहेगी। कोशिश की जाएगी कि एक दिन में अधिक से अधिक लोग अपने गांव पहुंच सकें। गर्ब्यांग की पूर्व प्रधान भागेश्वरी देवी और कुटी के देवडांगर गोपाल सिंह कुटियाल ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित इलाकों के लिए सरकार का यह प्रयास सीमांत वासियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।