अस्कोट में अस्पताल भवन की मरम्मत करते मजदूर
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अमर उजाला की खबर का एक बार फिर असर हुआ है। स्वास्थ्य महकमे ने अस्कोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की छत की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। पिछले साल अंधड़ में अस्पताल की छत उड़ गई थी। हाल में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
22 मई 2016 को अंधड़ के दौरान अस्पताल के ओपीडी और दवा भंडार के कक्ष की छत उड़ गई थी। तब से ओपीडी बरामदे में चल रही है। डिस्पैंसरी का काम भी बरामदे से ही चल रहा है। दवाओं को बरामदे में अलमारियों में रखा गया है। इलाके के लोग अस्पताल की छत की मरम्मत की मांग लगातार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल की छत की मरम्मत नहीं की गई। 4 मार्च को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इससे पहले भी अखबार कई बार यह मामला उठा चुका है। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने शनिवार से अस्पताल की छत की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है।
अस्पताल के चिकित्सक डीएस बोनाल का कहना है कि अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए आपदा मद में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन धन नहीं मिला। महकमे ने छत की मरम्मत के लिए धन की व्यवस्था की है। फिलहाल छत की मरम्मत की जा रही है। आपदा मद से धन मिलने के बाद भवन की मरम्मत होगी। छत की मरम्मत होने से ओपीडी और डिस्पैंसरी का काम कमरे के भीतर से हो पाएगा।