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हेलीकॉप्टर तो पहुंचा, लेकिन किराया पांच हजार

Fri, 29 Sep 2017 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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हेलीकॉप्टर सेवा - फोटो : अमर उजाला
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शासन ने दस दिन तक बंद रखने के बाद धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू कर दी, लेकिन अब हेलीकॉप्टर का एक तरफ का किराया पांच हजार रुपये कर दिया गया है। शुक्रवार को अपरान्ह चार बजे यहां एक हेलीकॉप्टर पहुंचा।
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इससे पहले 13 अगस्त को आई आपदा के बाद शासन ने यहां दो हेलीकॉप्टर भेजे थे और कैलाश मानसरोवर यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को मुफ्त में धारचूला से गुंजी, गर्ब्यांग और इन स्थानों से धारचूला लाने का काम जारी रखा। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का अंतिम दल लौटते ही यह सेवा बंद कर दी गई थी। इधर, स्थानीय लोगों की मांग पर शासन ने फिर से हेलीकॉप्टर तो यहां भेज दिया है, लेकिन उसका लाभ गरीब तबके के लोग नहीं उठा पाएंगे।

हेलीकॉप्टर सेवा का स्थानीय स्तर पर संचालन कर रहे सहायक खाद्य निरीक्षक पुष्कर बोनाल ने बताया कि अब धारचूला से गुंजी, गर्ब्यांग जाने वाले हर व्यक्ति से एक तरफ का किराया पांच हजार रुपये लिया जाएगा। वापसी में उसे इतनी ही राशि फिर से जमा करनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतना महंगा किराया वहन कर पाना गरीबों के बस की बात नहीं है। अभी गुंजी, गर्ब्यांग से धारचूला पैदल आने वाले रास्ते बेहद खराब है। मालपा में पैदल रास्तों का नामोनिशान मिट गया है। ऐसे में लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि कैलाश रावत, पालिकाध्यक्ष दशरथी खैर ने मांग की है कि हेलीकॉप्टर सेवा अक्तूबर तक जारी रखा जाए और किराया 2500 रुपये से अधिक न किया जाए।
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