फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलावृष्टि ने किसानों काे कहीं का नहीं छोड़ा

Mon, 22 Apr 2019 11:20 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ के खेतार कन्याल में गिरे ओले। - फोटो : पिथौरागढ़
विज्ञापन
ओलावृष्टि ने डीडीहाट की रौतिस वैली, अस्कोट के गांजरी के साथ जिला मुख्यालय के जाजरदेवल, खूनी, नैनीसैनी और चंपावत जिले में ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
विज्ञापन


पहाड का भाबर कहे जाने वाली रौतिस वैली में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। वैली के खेतार कन्याल, सेरा, थपलबीसा, कूटा, बसेड़ी, धुरपट्टा, बसौरा, तिरौली, अंतोडा, देवीसूना क्षेत्र में गेहूं, जौं, सरसों, मसूर और साग सब्जी प्रचुर मात्रा में उगाई जाती है। रौतिस नदी से सिंचाई की सुविधा होने के कारण किसान खेती पर अधिक मेहनत करते हैं। किसानों की मेहनत पर मौसम ने पानी फेर दिया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश कन्याल ने बताया कि इन गांवों में फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

ओलावृष्टि से अस्कोट के गांजरी में फसल, फल, सब्जी और फलदार पेड़ नष्ट हो गए हैं। गरीब किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता योगेश धामी ने बताया कि खेती को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें