चंपावत। राज्य सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की नई व्यवस्था लागू की है। आयुष्मान योजना की पांच लाख रुपये की सीमा से अधिक उपचार खर्च भी मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन होगा।
डीएम मनीष कुमार ने बताया कि अतिरिक्त राशि बिलों के सत्यापन के बाद सीधे संबंधित अस्पताल को मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। यह व्यवस्था तुरंत इलाज सुविधा के लिए है। विशेष परिस्थितियों में आयुष्मान योजना से बाहर उपचार कराने पर भी भुगतान होगा। इसके लिए जिलाधिकारी की संस्तुति आवश्यक होगी। जिन पीड़ितों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका पूरा खर्च भी मुख्यमंत्री राहत कोष से दिया जाएगा। सीएमओ देवेश चौहान का सत्यापन और जिलाधिकारी की संस्तुति ऐसे मामलों में जरूरी होगी।