धारचूला में बैठक करते एनएचपीसी के मजदूर
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एनएचपीसी वर्कर्स यूनियन (एक्टू) की जनरल बाडी की रविवार को हुई बैठक में मजदूर नेताओं ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर कड़ा एतराज जताया। कहा कि इस फैसले ने मजदूरों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है और यह कदम औद्योगिक बंदी को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। एक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि मजदूरों की हड़ताल को राष्ट्र की हानि कहने वाली मोदी सरकार ने नोटबंदी कर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल फैसला वापस लेना चाहिए और मजदूर वर्ग को राहत पहुंचानी चाहिए।
बैठक में मजदूर नेताओं ने समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण की लड़ाई तेज करने का एलान किया। साथ ही बोनस का भुगतान न होने पर एनएचपीसी प्रबंधन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला लिया। भाकपा माले के जिला सचिव गोविंद कफलिया ने कहा कि ठेका मजदूरी के नाम पर बधुवा मजदूरी कराई जा रही है। मजदूरों से बिना मजदूरी के ओवरटाइम कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा मजदूरों के आंदोलन का साथ देती आई है और भविष्य में भी साथ देगी। यूनियन के अध्यक्ष उदय सिंह की अध्यक्षता एवं इंद्र कुमार के संचालन में हुई बैठक में विनोद कुमार, कविराज धामी, लक्ष्मण सिंह बोरा, पद्म सिंह, अनूप कुमार, भाकपा माले नेता हरीश धामी ने विचार रखे।