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Pithoragarh News: सड़क तो पहुंच गई सरकार अब संचार सुविधा की दरकार

Tue, 10 Oct 2023 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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चीन सीमा के निकट ​स्थित भारत का अंतिम गांव कुटी। फोटो: विपिन गुप्ता
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कुटी (पिथौरागढ़)। चीन सीमा पर बसे भारत के अंतिम गांव कुटी तक सड़क तो पहुंच चुकी है लेकिन संचार सुविधा नहीं है। संचार के अभाव में यह गांव एक तरह से आज भी शेष दुनिया से कटा हुआ है। ग्रामीणों के अलावा यहां तैनात सुरक्षा बलों के जवान भी महीनों तक अपने परिजनों से बातचीत नहीं कर पाते हैं।
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जिले की धारचूला तहसील का कुटी गांव चीन सीमा पर बसा भारत का अंतिम गांव है। व्यास घाटी में स्थित इस गांव के बाद कोई आबादी नहीं है। धारचूला से 100 किमी दूर बसे इस गांव से 12 किमी की दूरी पर शिव का धाम आदि कैलाश स्थित है। गांव से आगे सिर्फ देश की सुरक्षा में तैनात जवान ही हैं। इसके अलावा प्रवास के दौरान भेड़पालक ही भेड़-बकरियों को चराने 14,000 फुट से ऊपर स्थित बुग्यालों में जाते हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्र का यह गांव नवंबर से अप्रैल तक बर्फ से ढका रहता है। बर्फ पिघलने के बाद लोग हर साल प्रवास पर छह माह के लिए यहां आते हैं और जड़ीबूटी की खेती के साथ ही पशुपालन भी करते हैं। इसके बाद बर्फबारी शुरू होते ही नवंबर मध्य तक धारचूला लौट जाते हैं। बीआरओ ने इस गांव तक सड़क तो पहुंचा दी है लेकिन संचार सेवा अभी शुरू नहीं हुई है।
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ग्रामीण रमेश सिंह, गोपाल सिंह और पदम सिंह ने बताया कि वर्तमान में 127 परिवारों के लगभग 650 सदस्य यहां प्रवास पर यहां आते हैं। संचार सुविधा शुरू होने पर प्रवास के दौरान वह अपने सगे संबंधियों से बातचीत कर सकेंगे। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों और पर्यटकों को भी संचार सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए ज्योलिंगकांग में बीएसएनएल की सेवा शुरू की गई हैं। इसके अलावा अन्य मोबाइल कंपनियों के टावर भी लगाए जाने चाहिए। बताया कि व्यास घाटी के अन्य गांवों के साथ ही यह अंतिम गांव ग्रिड से भी नहीं जुड़ सका है। यहां पर लोग सौर ऊर्जा से ही रात को अपने घर रोशन करते हैं। संवाद

क्या कहते हैं अंतिम गांव कुटी के ग्रामीण
पिछले 21 दिनों से अपने बच्चों से बातचीत नहीं कर पाया हूं। गांव में जियो का टावर लगाया गया है लेकिन अभी सेवा शुरू नहीं की है। संचार सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के लिए वीर चंद्र गढ़वाली योजना का लाभ देना चाहिए। - रमेश सिंह कुटियाल।
फोटो: 10पीटीएच 02पी।

आदि कैलाश के मार्ग में स्थित कुटी गांव से पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। अभी यहां पर सुविधाएं नहीं हैं। संचार सुविधा की कमी सबसे अधिक अखरती है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन प्रशासन ने शीघ्र संचार सेवा शुरू करनी चाहिए। -गोपाल सिंह कुटियाल।


हर साल प्रवास पर गांव आते हैं। गांव तक सड़क पहुंचने से आना-जाना आसान हुआ है लेकिन मोबाइल सेवा नहीं होने से अपने परिजनों से बातचीत नहीं हो पाती है। मोबाइल टावर शुरू हो जाता तो संचार की सुविधा भी मिल जाती। -विमला देवी।
फोटो: 10पीटीएच 04 पी।

सड़क बनने से आदि कैलाश के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। युवाओं को पर्यटन बढ़ने से रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार को इस गांव के लोगों को पर्यटन योजनाओं का लाभ देना चाहिए ताकि युवा स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन सकें। - सुनील कुटियाल।
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फोटो: 10पीटीएच 05पी।
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