पिथौरागढ़। सीमांत के गंगोलीहाट, मुनस्यारी और डीडीहाट विकासखंडों में 39.45 हेक्टेयर बंजर भूमि पर सेब, कीवी और अदरक की खेती से 694 किसानों की आजीविका और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आने वाला है।
किसानों ने 20,070 कीवी और सेब के पौधे रोपे हैं। वहीं 340 क्विंटल अदरक बीज बोया गया है। गंगोलीहाट, मुनस्यारी में सेब, कीवी तो डीडीहाट में अदरक का उत्पादन होगा। किसानों ने 22 हेक्टेयर भूमि पर लंबे समय बंजर थी और 17.45 हेक्टेयर भूमि पर सिर्फ गेहूं, जौ की फसल बोते थे। अब उद्यान विभाग के सहयोग से बंजर भूमि फिर से आबाद होगी और जो उनकी तकदीर बदलेगी।
गंगोलीहाट ब्लॉक झलतोला, जांख, मुनस्यारी ब्लॉक के चौना, बोना, इम्ला, तोमिक में कीवी और सेब के बाग लहलहाएंगे। वहीं डीडीहाट के पमस्यारी, दूनाकोट, हाटथर्प, बोरा गांव, बरना ऐरी अदरक उत्पादन के रूप में पहचान बनाएगा।
उद्यान विभाग ने कराए उन्नत पौधे और बीज उपलब्ध
उद्यान विभाग किसानों को जायका योजना के तहत पौधे उपलब्ध कर रहा है। इसमें किसानों को 80 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। उद्यान विभाग का मानना है कि यह पहल किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसानों को इन उत्पादों के लिए उचित बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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गंगोलीहाट, मुनस्यारी, डीडीहाट में कीवी, सेब के बाग तैयार करने के लिए पौधरोपण का कार्य पूर्ण हो चुका है। किसान भविष्य में इनके जरिये स्वरोजगार कर सकेंगे। यह किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद है।
-अभिनव कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़