सिर्खा से गाला जाते समय खतरनाक नाला पार करते कैलाश यात्री
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कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल तिब्बत के डेरापुक नामक स्थान पर पहुंच गया है। यात्रा पर जा रहे दूसरे दल के सभी यात्री स्वास्थ्य परीक्षण में पास होकर शुक्रवार सुबह गुंजी से चलकर नाभीढांग पहुंच गए, जबकि तीसरे दल के सदस्यों ने शुक्रवार सुबह सिर्खा से गाला तक का सफर पूरा किया। सिर्खा से गाला तक जाने में यात्रियों को खतरनाक रास्तों और नालों को पार करना पड़ा।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार पहले दल के 54 सदस्यों ने डेरापुक पहुंचने के बाद कैलाश परिक्रमा शुरू कर दी है। पहले दल के सभी यात्री स्वस्थ हैं। यात्रा का दूसरा 47 सदस्यीय दल गुंजी से सुबह 6 बजे नाभीढांग को रवाना हो गया था। काली नदी के उद्गम स्थल कालापानी के मंदिर में सभी यात्रियों ने पूजा-अर्चना की। उसके बाद दल नाभीढांग पहुंच गया। शनिवार सुबह दूसरे दल के यात्री लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करेंगे। नियंत्रण कक्ष के अनुसार कैलाश यात्रा का तीसरा दल सिर्खा से सबसे खतरनाक रास्तों को पार कर गाला पहुंच गया है।
कई स्थानों पर आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवानों ने यात्रियों को उफनते नाले पार कराए। तीसरे दल में 56 यात्री हैं। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि उच्चहिमालयी क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना हुआ है। यात्रियों के बारे में सारी सूचनाएं नियंत्रण कक्ष को मिल रही हैं।