कैलास यात्रियों का प्रथम दल तिब्बत पहुंचा
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कैलास मानसरोवर यात्रा पर जा रहे प्रथम दल के 55 यात्री सोमवार सुबह लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश कर गए हैं। नाभीढांग से प्रथम दल के सदस्यों ने रात दो बजे लिपुलेख के लिए प्रस्थान किया।
बर्फीले रास्ते में करीब तीन घंटे का सफर करने के बाद यात्री सुबह पांच बजे लिपुलेख पहुंच गए। लिपुलेख दर्रे के पास पहले से मौजूद चीन के अधिकारियों ने यात्रियों के पासपोर्ट आदि कागजातों की जांच की। सुबह 7:20 बजे यात्रियों ने तिब्बत की धरती पर पांव रखा। यात्रा पर जा रहे दूसरे दल के सदस्य आज गाला से चलकर बूंदी पड़ाव पहुंच गए हैं। तीसरा यात्री दल मंगलवार को डीडीहाट पहुंचेगा। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के नियंत्रण कक्ष के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश हो रही है और तापमान में भारी गिरावट हो गई है।
आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक यात्रा दल के साथ आईटीबीपी की मेडिकल टीम मौजूद थी। अक्सर नाभीढांग से लिपुलेख जाते समय यात्री माउंटेन सिकनेस का शिकार हो जाते हैं। इससे बचने के लिए आईटीबीपी की मेडिकल टीम लिपुलेख तक यात्रियों को पहुंचाने का काम करती हैं। कैलास यात्रा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार उच्चहिमालयी क्षेत्र के अधिकांश भागों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सिर्खा, गाला, बूंदी, छियालेख में बारिश हो रही है। कंट्रोल रूम के अनुसार दोनों दलों के यात्री स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
छोटा कैलास की यात्रा पर चौथा दल रवाना
छोटा कैलास की यात्रा पर सोमवार को चौथा दल भी रवाना हो गया। 21 सदस्यों वाले इस दल में कोऑर्डिनेटर प्रेम सिंह बिष्ट हैं। यात्री दल का पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक आनंद आर्या समेत अन्य कर्मचारियों ने स्वागत किया। यात्रियों ने हिमालय बचाओ का संकल्प पत्र भी भरा। छोटा कैलास की यात्रा पर गए प्रथम दल के सदस्य मंगलवार को वापस लौट आएंगे। यात्रियों के स्वागत के समय बलवंत रावल, संजय ओझा, दलीप सिंह आदि भी थे।