मदकोट कस्बे से 15 किमी दूर ढूनामानी गांव में सोमवार सुबह घर के पास के खेत से सब्जी तोड़ रही एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। इलाके में एक साल के भीतर बिजली करंट से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है। इन घटनाओं के लिए ऊर्जा निगम को जिम्मेदार मानते हुए लोगों ने कहा कि कई जगह बिजली के पोल टेढ़े हो गए हैं।
लाइनों में करंट आ रहा है। कई जगह तार जमीन को छू रहे हैं पर निगम के अधिकारियों ने कभी भी इस अव्यवस्था को दूर करने का प्रयास नहीं किया।
ढूनामानी गांव के नैनसिंह की पत्नी नंदी देवी (45) सोमवार सुबह घर के पास खेत से सब्जी तोड़ने गई थी। तभी उनको करंट लग गया। गंभीर रूप से झुलसी नंदी देवी को गांव के लोग डोली में रखकर मदकोट अस्पताल के लिए लाए लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। नैन सिंह के परिवार पर अचानक विपदा आ गई। नैन सिंह खुद बकरी पालन कर परिवार पालते हैं। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मुनस्यारी से पुलिस उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह बिष्ट और ऊर्जा निगम के एसडीओ नीरज पांडे मौके पर पहुंचे।
मदकोट में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एसडीओ ने गांव जाकर बिजली लाइन देखी। इस इलाके में एक साल के भीतर पांच लोगों की करंट से मौत हो गई है। सेरा और उमडाडा गांव में पहले करंट से मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। ढूनामानी गांव के गंगा सिंह फर्स्वाण, जसवंत भंडारी, मान सिंह भंडारी का कहना है कि इस तरह की लापरवाही के लिए ऊर्जा निगम के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बार घटनाएं हो रही हैं लेकिन निगम अपने स्तर से कोई कदम नहीं उठा रहा है।