हिमालयन ग्राम विकास समिति के सभागार में आयोजित साइंस आउटरिच प्रोग्राम के दूसरे दिन जीबी पंत विश्वविद्यालय के बायो टेक्नोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बीडी लखचौरा ने कोशिका की क्रियाविधि और इसके कार्यों का रोचक ढंग से वर्णन किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के हारमोन, मानव शरीर पर पड़ने वाले उसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम भूगर्भ शास्त्री केएस वल्दिया की पहल पर आयोजित किया जा रहा है।
जीबी पंत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एचएम अग्रवाल ने भौतिक विज्ञानी आईस्टीन का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी भी जिज्ञासा नहीं छोड़नी चाहिए। यह विज्ञान जानने की पहली शर्त है। उन्होंने क्वार्क और स्ट्रांग थ्योरी की जटिलता से परिचय कराते हुए भौतिकी के विभिन्न कार्य क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। कुविवि की रसायन विज्ञान विभाग की प्रोफेसर गंगा बिष्ट ने न्यूट्रास्यूटिकल पर जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में हुई प्रगति से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
स्पेस एप्लीकेशन सेंटर अहमदाबाद के वरिष्ठ विज्ञानी प्रोफेसर एसएस वल्दिया ने अंतरिक्ष विज्ञान, बीएस कोरंगा ने गणित का दैनिक जीवन में उपयोग, पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पीएस महर ने गणित के विषय में बताया। अंत में प्रोफेसर शेखर पाठक ने उत्तराखंड के इतिहास पर विस्तार से जानकारी दी। संचालन अरुणा बाघमरे ने किया। संस्थाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गश पंत, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफोसर केएस कठायत, प्रोफेसर उमेश बाघमरे, समाजसेवी राधा बहन, विभिन्न विद्यालयों के इंटर के विद्यार्थी मौजूद थे।