पिथौरागढ़। सीमांत में गर्मी बढ़ते ही वनाग्नि की घटनाएं भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। जामिरपानी, कूचा और मासू के जंगल में आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया।
शनिवार को जामिरपानी के जंगल आग से धधकने लगे। सूचना पर वन दरोगा कैलाश चंद्र, बीट अधिकारी किरन नगरकोटी और बीना देउपा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण होशियार सिंह, मनोज सिंह, पूजा गोबाड़ी, लीला देवी, ऋतु गोबाड़ी, त्रिलोक सिंह की मदद से आग पर काबू पाया। उधर मेलडुंगरी में सरपंच भुवन चंद्र जोशी और महिला मंगल दल के सहयोग से आग पर काबू पाया गया।
इधर रविवार को ग्राम पंचायत कूचा और मासू के जंगल में आग धधक गई। गांव के युवाओं को छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफलता मिली। आग बुझाने में सरपंच श्याम सिंह, पूर्व सैनिक विजेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, हयात सिंह, मन्नी मेहता, हेमंत सिंह हिम्मू ने सहयोग किया।
वनों को आग से बचाने में लापरवाही न बरतें : पांडे
पिथौरागढ़। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं धीरज पांडे ने रविवार को जिले का भ्रमण कर वनाग्नि से निपटने की विभागीय तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों को वनाग्नि की रोकथाम, निगरानी एवं त्वरित नियंत्रण को पूरी तरह सतर्कता बरतने एवं किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं ने निरीक्षण के दौरान गुरना क्रू स्टेशन का रखरखाव संतोषजनक पाया। उन्होंने डीडीहाट रेंज के तहत सानदेव नर्सरी, कैंपा के मृदा एवं जल संरक्षण कार्य, क्रू स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने क्रू स्टेशन में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, जल स्रोतों की स्थिति एवं फील्ड स्टाफ की तत्परता की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सानदेव नर्सरी में बुरांश, काफल, तेजपात जैसी स्थानीय उपयोगी प्रजातियों के पेड़-पौधों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण करें।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सहभागिता को प्रोत्साहित कर आजीविका संवर्द्धन की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने जल संग्रहण के लिए एलडीपी टैंक, वर्मी कंपोस्ट एवं वर्मी वॉश इकाई, स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी नवाचार आधारित व्यवस्थाओं को भी नर्सरी के सतत विकास से जोड़े जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, रेंजर डीडीहाट अजय कुमार ध्यानी समेत कर्मचारी मौजूद रहे।