फसली ऋण माफ करने की मांग को लेकर किसानों ने जिला मुख्यालय में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। कलक्ट्रेट में जनता दरबार में जाने प्रयास किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। गुस्साए किसानों ने जल्द फसली ऋण माफ न होने पर उग्र आंदोलन छेड़ने की चेेतावनी दी है।
सोमवार को जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र जोशी, महामंत्री जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में जिले भर के दर्जनों किसान नगर पालिका रामलीला मैदान में एकजुट हो गए। उन्होंने रामलीला मैदान से गांधी चौक, सिल्थाम चौक, नया बाजार, केएमओयू स्टेशन, गुप्ता तिराहा होते हुए कलक्ट्रेट तक जुुलूस निकाला। जुलूस में इनमेें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कलक्ट्रेट में किसानों ने प्रदेश सरकार के रवैये खिलाफ प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट परिसर में धारा 144 लागू होने के बावजूद डेढ़-दो सौ किसानों की भीड़ को देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसडीएम एसके पांडेय ने किसानों को कलक्ट्रेट परिसर से बाहर जाने को कहा। लेकिन किसान समस्या दर्ज कराने के लिए जनता दरबार में जाने की जिद करने लगे। इसको लेकर पुलिस प्रशासन और किसानों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। गतिरोध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस प्रशासन द्वारा काफी समझाने के बाद किसान माने। इस बीच डीएम सी रविशंकर ने मौके पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन लिया। केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन में किसानों ने जल्दी फसली ऋण माफ न होने पर उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी है। इस दौरान संगठन संरक्षक शंकर राम कोहली, जोगा राम, अनिल चंद, प्रेम कुमार, गंगा सिंह नेगी, बीडी कोहली, भोला बिष्ट, ज्ञानी राम, भागीरथी, पार्वती, सरस्वती, गंा, लीला, दीपा, हीरा, कौशल्या, मोहिनी, नंदा, शांति, देवकी आदि थे।