पिथौरागढ़। जिले के पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। 130 इन्फैंट्री (प्रादेशिक सेना) बटालियन पिथौरागढ़ जिले से शिफ्ट करने का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे एक पत्र में कहा है कि इस संबंध में भविष्य में निर्णय लेते समय उनके सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा।
कुछ माह पूर्व बटालियन को यहां से अन्यत्र स्थानांतरित करने की सुगबुगाहट से पूर्व सैनिकों में रोष छा गया था। इसके विरोध में पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों ने कई दिनों तक आंदोलन भी किया। पूर्व सैनिकों के इस आंदोलन के समर्थन में कई राजनीतिक दलों के लोग भी सामने आए। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ को पत्र भेज पर्यावरण की दो कंपनियों एवं बटालियन मुख्यालय को पिथौरागढ़ में यथावत बनाए रखने का अनुरोध किया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मामले की जांच करवाई गई है। इसमें पता चला है कि सितंबर 2025 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 11 कंपनियों सहित चार बटालियन मुख्यालयों को चयनित किया था। इसमें 130 इन्फैंट्री बटालियन इको का मुख्यालय और दो कंपनियां भी शामिल थीं जिन्हें अरावली पर्वतमाला के पर्यावरण पुनर्स्थापना के लिए उनकी ओर से वित्त पोषित किया जाता है। पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय ने अपने अंतरिम निर्णय में केवल 128 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) पर्यावरण की दो कंपनियों की पुन: तैनाती का प्रस्ताव दिया है। 130 इन्फैंट्री बटालियन को इससे बाहर रखा गया है।
रक्षा मंत्री की ओर से कहा है कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और प्रादेशिक सेना के बीच आगे की कार्यवाही के लिए विचार-विमर्श जारी है हालांकि दीर्घकालिक रुख भी अभी स्पष्ट नहीं है। बटालियन को फिलहाल यहां से स्थानांतरित नहीं किए जाने पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विरेंद्र वल्दिया ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।