पिथौरागढ़ में कार्य बहिष्कार के बाद प्रदर्शन करते उपनल कर्मचारी
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उपनल कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों के आंदोलन से कई सरकारी विभागों के काम पर असर पड़ा है। कुछ विभाग ऐसे हैं, जहां पर कार्यालयों का संचालन उपनल कर्मचारियों के हवाले है। आंदोलित कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन और उपनल कर्मियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग कर रहे हैं। सेवा नियमावली बनने तक किसी भी कर्मचारी को काम से न हटाया जाए।
रामलीला मैदान में हुई सभा में आंदोलित कर्मचारियों ने कहा कि उपनल से सर्विस टैक्स के नाम पर कर्मचारियों के मानदेय से भारी कटौती कर दी जाती है। इसके अलावा अब जीएसटी की मद में 18 प्रतिशत राशि भी काटी जा रही है। इस कारण कर्मचारियों के निर्धारित मानदेय का बड़ा हिस्सा इन मदों में चला जाता है। कई विभागों में बजट न होने के कारण कर्मचारियों को एक साल से मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारियों की मांग है कि जिस विभाग में उनको काम पर रखा गया है, मानदेय देने की व्यवस्था भी उसी विभाग की होनी चाहिए।
उपनल कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन बसेड़ा ने कहा कि दो दिन का यह आंदोलन सांकेतिक है। अब कर्मचारी अगले चरण में बड़ा आंदोलन चलाएंगे। वहीं, कर्मचारियों के आंदोलन को कई संगठनों ने समर्थन दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में संगठन की महिला शाखा की अध्यक्ष पार्वती देवी, संरक्षक देवेंद्र दिगारी, उपाध्यक्ष अशोक खनका, विमल धामी, संजय जोशी, कमलेश गुरुरानी, बसंत भट्ट, विनीता भट्ट आदि ने विचार रखे।