पिथौरागढ़। अप्रैल से जिला अस्पताल की पूरी कमान मेडिकल कॉलेज के हाथों में होगी। मार्च तक जिला अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के बजट से संचालित होगा। अप्रैल से जिला अस्पताल में हर स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्सा शिक्षा विभाग का बजट लगेगा। मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित होने के बाद जिला अस्पताल में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया।
जिला अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की बैठक हुई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित हुआ है। मार्च तक यहां स्वास्थ्य विभाग के बजट से व्यवस्थाएं चलेंगी। अप्रैल में जिला अस्पताल का संचालन चिकित्सा शिक्षा विभाग के बजट से होगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित होने से जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का विस्तार होगा। जिला अस्पताल में सीनियन फैकल्टी नियुक्त होने से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने से मरीजों को हल्द्वानी, बरेली रेफर नहीं करना होगा। बैठक में पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, मेडिकल कॉलेज के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी सहित अन्य कर्मियों के एक हजार पद स्वीकृत
प्राचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी सहित एक हजार कर्मियों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से अब तक कई पर रिक्त चल रहे हैं इनके भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फैकल्टी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो जाएंगी।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप, मरीज और गर्भवतियां परेशान
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से बीते तीन दिनों से अल्ट्रासाउंड ठप हैं। इससे जिलेभर की गर्भवतियां और मरीज परेशान हैं। यहां अगले तीन दिनों तक गर्भवतियों और अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। ऐसे में सभी को निजी क्लिनिक के चक्कर काटने पड़ेंगे।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यहां तैनात एक मात्र रेडियोलाॅजिस्ट बीते सोमवार से अवकाश पर हैं। इनके अवकाश पर जाने से जिला और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप हैं। न तो गर्भवतियां और ना ही अन्य मरीजों की जांच हो रही है। ऐसे में सभी निजी क्लीनिक के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, रेडियोलॉजिस्ट शनिवार तक अवकाश पर रहेंगे। ऐसे में गर्भवतियों और अन्य मरीजों को जांच के लिए तीन दिन तक इंतजार करना होगा।
पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने पर व्यवस्थाएं पटरी पर आएंगी। बता दें कि जिला अस्पताल के अलावा जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं हैं। ऐसे में जिले भर के मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। संवाद