पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा के बीच धारचूला-गुंजी मार्ग पर परिवहन विभाग के चेकिंग अभियान में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। अनफिट गाड़ियों में गुजरात और कोलकाता से आए यात्रियों को लेकर आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर ले जा रहे तीन वाहन पकड़े गए। इस दौरान 32 वाहनों के चालान किए गए जबकि छह वाहनों के आरसी और परमिट जब्त किए गए।
रविवार सुबह एआरटीओ प्रवर्तन शिवांश कांडपाल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम यात्रा मार्ग के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर तैनात रही। इस दौरान 80 से अधिक वाहनों की जांच की गई जिनमें 12 निजी वाहन भी शामिल थे। चेकिंग के दौरान तीन ऐसे वाहन पाए गए जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वे गुजरात और कोलकाता से आए यात्रियों को लेकर आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर जा रहे थे। प्रवर्तन टीम ने संबंधित वाहनों को कब्जे में ले लिया।
एआरटीओ शिवांश कांडपाल ने बताया कि दो वाहन बिना हिल एंडोर्स्ड ड्राइविंग लाइसेंस के संचालित पाए गए जिन्हें वापस लौटा दिया गया। वहीं 12 निजी वाहनों की जांच में उनका व्यावसायिक उपयोग नहीं पाया गया।
बिना वैध दस्तावेजों के वाहन संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन शिवांश कांडपाल ने बताया कि अभियान के दौरान हिल एंडोर्स्ड ड्राइविंग लाइसेंस का अभाव, फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त होना, परमिट, टैक्स और बीमा दस्तावेज वैध न पाए जाने जैसी अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में बिना वैध दस्तावेजों वाले किसी भी वाहन को यात्रियों के साथ संचालित नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय यूनियन पदाधिकारियों और वाहन संचालकों को भी निर्देश दिए कि बिना वैध दस्तावेजों के कोई भी वाहन यात्रा मार्ग पर संचालित न किया जाए।
आवश्यकता से अधिक अग्रिम बुकिंग न लेने के निर्देश
एआरटीओ प्रवर्तन शिवांश कांडपाल ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि यात्रियों से आवश्यकता से अधिक अग्रिम बुकिंग ली जा रही है जबकि उपलब्ध वाहनों की संख्या सीमित है। इसे देखते हुए टूर ऑपरेटर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप ही बुकिंग सुनिश्चित करें ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।