पिथौरागढ़। हर शाख में उल्लू बैठा है, अंजामे गुलिस्ता क्या होगा विधायक मयूख महर की सोशल मीडिया पर इन शब्दों के साथ की गई पोस्ट चर्चाओं में है। विधायक महर ने ऑलवेदर सड़क की बदहाल, जंगलों में लगी आग और पिथौरागढ़ नगर में बदहाल पार्किंग व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों के साथ ही सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि ऑलवेदर रोड पर स्वाला में डेंजर जोन सरकार के लिए कामधेनू बन गया है।
विधायक महर ने अपने फेसबुक पेज पर जारी पोस्ट में लिखा है कि उन्हें ऑलवेदर सड़क से आने का मौका मिला। उम्मीद थी कि इतने सुंदर मार्ग में सफर आरामदायक होगा। स्वाला पहुंचते ही सारा भ्रम टूट गया। रास्ता बंद और गाड़ियों की लंबी कतार। घंटों इंतजार के बाद समझ में नहीं आया कि सरकार इस कामधेनू को दुहना कब बंद करेगी जबकि यह क्षेत्र सीएम का है। बता दें कि ऑलवेदर सड़क पर स्वाला के पास आए दिन पहाड़ी दरक रही है। ऐसे में यहां घंटों आवाजाही बंद रहती है। विधायक मयूख महर की लंबे समय बाद भी स्वाला डेंजर जोन का ट्रीटमेंट न होने पर की गई यह पोस्ट चर्चाओं में है।
100 किलोमीटर दायरे में भीषण आग, कोई भी आग बुझाता नहीं आया नजर
पिथौरागढ़। विधायक महर ने वनाग्नि को लेकर भी सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि शाम होते होते देखा तो पूरा पहाड़ वनाग्नि से धधक रहा है। सरकार फायर सीजन में आग बुझाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऑलवेदर सड़क के 100 किलोमीटर दायरे में एक भी फायर और वन कर्मी आग बुझाता नजर नहीं आया। संवाद
बजेटी पार्किंग और किमचौड़ स्वीमिंग पूल पर भी उठाए सवाल
पिथौरागढ़। विधायक महर ने अपनी पोस्ट में बजेटी पार्किंग और किमचौड़ स्वीमिंग पूल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पिथौरागढ़ पहुंचते ही वही पुराना दृश्य देखने को मिला। मित्र पुलिस के जवान बड़ी मुस्तैदी से कार और बाइक के चालान काटने में व्यस्त थे। पार्किंग तैयार हैं पर उनमें वाहन खड़े नहीं करने दिए जा रहे हैं। क्योकिं अगर गाड़ी निर्धारित स्थान पर खड़ी होगी तो पुलिस राजस्व की वसूली कैसे करेगी। महापौर अपने गांव बजेटी में बनी पार्किंग को संचालित नहीं कर पा रही हैं। वहीं इस भीषण गर्मी में किमचौड़ स्वीमिंग पूज को आंवलाघाट पेयजल योजना से भरकर उसमें जल्द अमीरों के तैरने की व्यवस्था की जा रही है। स्वीमिंग पुल की क्षमता करीब एक करोड़ रुपये है। विडंबना है कि जहां गरीब शहरी को पांच लीटर पानी भरने के लिए लाइन में लगना पड़ता है वहीं अमीरों को स्वीमिंग करने का आनंद उपलब्ध कराया जा रहा है।