दो वर्ष पहले बेड़ीनाग को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। स्थिति यह है कि पूरे नगर में गंदगी फैली है। बरसात के इस मौसम में बीमारी फैलने का खतरा हो गया है। पहले नगर की सफाई की व्यवस्था व्यापार मंडल करता था, लेकिन नगर पंचायत के गठन के बाद व्यापार मंडल ने सफाई व्यवस्था से हाथ खींच लिए हैं। लोगों में नगर पंचायत के खिलाफ भारी गुस्सा है, अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो लोग उग्र आंदोलन करेंगे।
प्रदेश सरकार ने स्थानीय लोगों को विकास के सब्जबाग दिखाकर 2014 में बेड़ीनाग को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया था, लेकिन इसके बाद नगर पंचायत का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाया। अब हालत यह हैं कि नगर में कहीं पर भी सफाई नहीं होती। गंदगी के कारण बेड़ीनाग बस स्टेशन की नालियां बंद होने से दुर्गंध आ रही है और यही हाल टैक्सी स्टैंड का भी है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी हरीचरन सिंह ने बताया कि वर्तमान में तीन सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर ली गई है और कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन भी लगा लिया गया है। 15 दिनों के भीतर बेड़ीनाग में कूड़ेदान भी लगा लिए जाएंगे।
लगातार भयावह हो रही स्थिति
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बोरा का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद से सफाई की समस्या और गंभीर हो चुकी है। नगर पंचायत ने नगर में कूड़ेदान नहीं लगाए हैं और दुकानों का कूड़ा मार्केट में फैल रहा है। नगर पंचायत को चाहिए कि वह नगर में जगह-जगह कूड़ेदान लगाए, जिसमें नगर के लोग कूड़ा डाल सकें।
ऐसी अव्यवस्था पहले नहीं देखी
नगर निवासी आरएस बिष्ट ने कहा कि नगर की सभी की नालियां बंद हैं तथा इन नालियों से दुर्गंध आ रही है। बरसात का पानी सड़क पर बह रहा है। पर्यटकों और आम लोगों को बाजार में काफी परेशानी होती है। ऐसी अव्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई। जाहिर है कि नगर पंचायत के खिलाफ अब आंदोलन होगा।