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सीमांत जिले में दूर किया जाए करेंसी का संकट

Thu, 17 Nov 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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एडीएम को ज्ञापन देते पिथौरागढ़ के कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस ने नोटबंदी के बाद सीमांत जिले में पैदा हो रही गंभीर स्थितियों का तत्काल समाधान निकालने और करेंसी का संकट दूर करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत की ओर से डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि सीमांत के बैंकों में नई करेंसी नहीं पहुंची है। लोगों को बैंकों से रुपया नहीं मिल पा रहा है। इससे मजदूर, किसान, छात्र, व्यापारी, कर्मचारी, ठेकेदार सभी परेशान हो गए हैं। विवाह की तैयारी में लगे लोगों, बीमार का इलाज करने, शवदाह करने में तक लोग परेशान होने लगे हैं। कहा गया है कि पुराने नोट बंद करने के एक सप्ताह बाद भी सीमांत के बैंकों में नई करेंसी का न पहुंचना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

सीमांत का हर व्यक्ति भारी तनाव और परेशानी में है। यह आने वाले समय में गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने मांग की है कि रिजर्व बैंक को तत्काल निर्देश जारी किए जाएं और नई करेंसी भेजने की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन देने वालों में शंकर खड़ायत, मनोज पुनेड़ा, जीवन कोहली, प्रदीप भट्ट, बहादुर सिंह, विपिन पुनेठा आदि थे। 
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हेलीकॉप्टर से भेजी जाए करेंसी
मेडिकल रिप्रेंजेंटेटिव एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवन पांडे के नेतृत्व में डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई कि सीमांत जिले में हेलीकॉप्टर के माध्यम से करेंसी भेजने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने दूरदराज इलाकों में हेलीकॉप्टर से करेंसी भेजने का वादा तो किया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ है। बाद में एसोसिएशन के लोगों ने स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लाइन में खड़े लोगों को पानी पिलाया।

लाइन में मरने वालों के परिजनों को मुआवजा दे सरकार
जिला सैनिक कल्याण परिषद के सदस्य और सेना के रिटायर्ड जूनियर कमीशंड आफीसर नरेंद्र चंद ने कहा कि रुपए लेने के दौरान बैंकों के आगे लाइन में खड़े जिन लोगों की मौत हो रही है, उनके परिजनों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह मरने वालों को सरकार ने किसी श्रेणी में जरूर रखना होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों में दो-तीन घंटे के बाद ही कैश समाप्त होना गंभीर चिंता का विषय है। यदि कैश की व्यवस्था नहीं होती तो आने वाले दिनों में स्थिति ज्यादा गंभीर रूप ले लेगी।
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