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नाचनी के टिम्टिया में बादल फटा

Sat, 25 Jun 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
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मकान टूटने के बाद बेघर हुआ गोकर्ण राम का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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नाचनी के टिम्टिया गांव में बादल फटने से जबरदस्त तबाही मची है। गांव में एक मकान ध्वस्त हो गया, जबकि तीन मकानों और कई लोगों के फलों के बगीचे मलबे से पट गए हैं। पानी की लाइन, रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। रांया ग्राम पंचायत के फरामी तोक में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से 10 मकानों में दरार आ गई है। कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं, जिससे फरामी गांव रहने लायक नहीं रह गया है। इलाके के लोगों ने प्रशासन से अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की है।
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बोरागांव ग्राम पंचायत के टिम्टिया में शुक्रवार रात करीब एक बजे गोकर्ण राम पुत्र जस राम का मकान मलबा घुसने से ध्वस्त हो गया। जबर्दस्त बारिश के बीच पानी का नाला फूटने से परिवार के लोग जाग गए थे। खतरे को देखते हुए परिवार के लोगों ने हादसे से पहले गांव के ही हरीश राम के मकान में शरण ले ली। यह लोग राशन और कुछ सामान बचाने में कामयाब रहे, जबकि घर में रखा अन्य सामान मलबे में दब गया। ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह के साथ ही गांव के युवाओं ने बचाव कार्य किया। टिम्टिया में पार्वती देवी, हयात राम, दुर्गा सिंह धर्मशक्तू के मकान में मलबा घुस गया। गांव के महेंद्र राम, हरीश राम, चंद्र राम, कल्याण राम, जस राम, कालू राम के मकान के लिए खतरा पैदा हो गया है। गांव के हरिनारायण पंत, मोहन पंत, अशोक पंत, तुलसी देवी, जानकी देवी, गोदावरी देवी, नंदी देवी के लीची, आम के बगीचे में मलबा पट गया, जिससे करीब 300 पेड़ नष्ट हो गए हैं।

डेढ़ किमी लंबी पानी की लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। स्टैंड पोस्ट बह गया। प्रधान देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बादल फटने की सूचना देने के लिए रात में ही मुनस्यारी आपदा नियंत्रण केंद्र में कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। सुबह तहसीलदार खुशाल राम को घटना की जानकारी दी। सुबह 8 बजे राजस्व उप निरीक्षक मनोज कुमार ने टिम्टिया गांव का मुआयना कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट तहसील कार्यालय को दे दी गई है।
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नापड़ में प्रेम सिंह चुफाल के मकान में सड़क का मलबा घुसने से जबरदस्त नुकसान हुआ है। रांया के फरामी तोक में कुंदन सिंह, महेंद्र सिंह, भूपाल सिंह, हीरा सिंह, छत्र सिंह, त्रिलोक सिंह, हंसी देवी, चंद्र सिंह, शेर सिंह, भवान सिंह के मकानों में पहाड़ी से बोल्डर, मलबा गिरने से दरार आ गई है। रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्ष 1998 में भूस्खलन से इस गांव में पांच लोगों की मौत हुई थी। ग्राम प्रधान रमेश राम के नेतृत्व में प्रभावितों ने बांसबगड़ पहुंच कर राजस्व विभाग को सूचना दी है। गांव असुरक्षित हो गया है। लोगों ने अन्यत्र बसाने की मांग की है। वहीं, बासानी में ग्राम पंचायत की 50 मीटर सिंचाई गूल बह गई है। ग्राम्या से बनी गूल को भी नुकसान पहुंचा है और रास्ते बह गए हैं।
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