भारत संचार निगम की सेवाओं से परेशान हो चुके उपभोक्ताओं ने शनिवार को टेलीफोन एक्सचेंज में तालाबंदी कर दी। कहा कि जब यह एक्सचेंज लोगों को सही सेवा नहीं दे पा रहा है तो इसको खोलने का कोई औचित्य नहीं है। बाद में आक्रोशित लोगों ने बीएसएनएल का पुतला फूंका। साथ ही एक्सचेंज के बाहर तीन घंटे तक धरना दिया।
नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट और उससे लगे गांवों के उपभोक्ताओं ने बताया कि कई हफ्तों से बीएसएनएल के सिगनल नहीं हैं। इस इलाके में कोई दूसरी संचार कंपनी की सेवा नहीं है। लोग सिर्फ बीएसएनएल पर निर्भर हैं। लंबे समय तक सेवा खराब रहने के बाद भी सुधार की पहल नहीं की जाती। गिठिगाड़ा की प्रधान देवकी देवी, सरपंच पुष्कर गोबाड़ी और जिला पंचायत सदस्य सीमा खड़ायत के नेतृत्व में यहां पहुंचे तालेश्वर, बलतड़ी, गिठिगाड़ा, भटेड़ी, कानड़ी, सीम, रज्यूड़ा, झूलाघाट के लोगों ने प्रदर्शन किया। सरपंच पुष्कर गोबाड़ी ने कहा कि सरकार आपदाग्रस्त इलाकों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
इसके विपरीत नेपाल की संचार कंपनियों के सिगनल इतने मजबूत हैं कि वह भारतीय इलाकों में तक पकड़ रहे हैं। लोगों के आंदोलन की जानकारी मिलते ही एसडीएम अनुराग आर्य ने बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल टावर को ठीक किया जाए और उसकी खराब बैटरी को बदला जाए। थाना प्रभारी रोहतास सागर ने आंदोलन की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी।
आंदोलन में पूर्व प्रधान देवराम, भीम राम, धन सिंह, हरी सिंह, बलवीर सिंह, खीम सिंह, निर्मला देवी, हंसा देवी, हरीश जोशी, चंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, दिवाकर भट्ट, हरिप्रिया चंद, रेखा भट्ट, शकुंतला भट्ट, सुशीला भट्ट, कानड़ी के प्रधान लक्ष्मण चंद, व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी, माजिरकांडा के प्रधान सुरेंद्र आर्या, रज्यूड़ा की प्रधान कमला देवी, भटेड़ी के प्रधान कुंडल सिंह आदि शामिल हुए।
एक जुलाई से महाकाली में होगा धरना
व्यापार संघ अध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि संजीव जोशी ने कहा कि यदि 30 जून तक संचार सेवा में सुधार नहीं आया तो उपभोक्ता एक जुलाई से महाकाली के किनारे जल सत्याग्रह शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि अब विभाग की मनमानी को ज्यादा दिन सहन नहीं किया जाएगा। संचार सेवा दुरुस्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा।