पिथौरागढ़। मौसम ने बुधवार को करवट बदली। पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में अंधड़ के साथ बारिश हुई। बेड़ीनाग में भारी ओलावृष्टि हुई जबकि जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ सहित थल, अस्कोट, कनालीछीना, धारचूला में बारिश हुई। बारिश होने से जंगलों में लगी आग बुझ गई है। इससे अगले कुछ दिन तक वनाग्नि की घटनाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
बुधवार सुबह आसमान में हल्के बादल थे। अस्कोट क्षेत्र में सुबह आठ बजे से नौ बजे के बीच हल्की बारिश हुई। बारिश से घाटी वाले क्षेत्रों में गर्मी से कुछ राहत मिली लेकिन धुंध नहीं छंटी।
नाचनी क्षेत्र में दोपहर बाद तेज गरज और चमक के साथ बारिश हुई। बारिश से धूल, गर्मी और वनाग्नि से राहत तो मिली लेकिन किसानों की तैयार गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। गोलगांव के प्रगतिशील किसान मनोहर सिंह बिष्ट ने बताया कि आम, लीची, आडू और सब्जियों के लिए बारिश अच्छी है।
थल में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से जंगलों की आग, धुएं और धुंध से निजात मिलने की उम्मीद है। इधर जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में शाम पांच बजे बाद तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई।
नगर क्षेत्र की निकास नालियां बंद होने से कई स्थानों पर सड़कों पर पानी बहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बेड़ीनाग में बुधवार अपराह्न तीन बजे अचानक मौसम ने करवट बदली। नगर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में एक घंटे तक लगातार बारिश और भारी ओलावृष्टि हुई। उडियारी, कांडे किरौली, चौकोड़ी, देवीनगर क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलें और साग-सब्जी पूरी तरह से बर्बाद हो गई। इससे काश्तकार परेशान हैं।
पूर्व ग्राम प्रधान किशन लाल शाह, प्रशासक उडियारी दीपा देवी, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र सिंह कार्की ने बताया की फसल पक कर तैयार हो गई थी अचानक हुई ओलावृष्टि से गेहूं, मसूर की फसल और सब्जियां पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है।