पिथौरागढ़ नगर निगम कार्यालय में पासपोर्ट बनाने के लिए पहुंचे लोग। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पासपोर्ट कार्यालय तो खुला नहीं लेकिन इसके नाम पर शिविर का मरहम जरूर लगाया गया है। नगर निगम कार्यालय में देहरादून से पहुंची टीम का तीन दिवसीय शिविर शुरू हुआ। तीन दिन के भीतर सभी 150 स्लाॅट बुक हो गए। ऐसे में इस शिविर ने ऊंट के मुंह में जीरा की कहावत को सच साबित किया। डेढ़ हजार से अधिक लोग पासपोर्ट बनाने की तैयारी में थे। इन्हें स्लाॅट फुल होने से निराश होना पड़ा है। अब इन्हें पासपोर्ट के लिए देहरादून और अल्मोड़ा की दौड़ लगानी होगी।
नगर निगम कार्यालय में पासपोर्ट शिविर का शुभारंभ डीएम विनोद गोस्वामी, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विजय शंकर पांडे, दायित्वधारी गणेश भंडारी, सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। डीएम ने कहा कि नगर निगम के प्रयास से तीन दिवसीय पासपोर्ट शिविर का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में जिले के लोगों के स्थानीय स्तर पर पासपोर्ट बनेंगे और इन्हें अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विजय शंकर पांडे ने बताया कि तीन दिन के लिए 150 स्लाॅट बुक करने थे। सभी स्लाट बुक हो गए हैं। कम स्लाॅट आवंटित होने से कई लोग स्थानीय स्तर पर पासपोर्ट बनाने से वंचित रह गए।
शिविर की सूचना मिलने के बाद डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने पासपोर्ट बनाने के लिए पूछताछ की और ऑनलाइन आवेदन का प्रयास किया। स्लाॅट फुल होने से उन्हें निराश होना पड़ा। दरअसल सीमांत जिले में पासपोर्ट कार्यालय खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
पिथौरागढ़ में सबसे तेज हुए स्लाॅट बुक
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विजय शंकर पांडे ने बताया कि इससे पूर्व प्रदेश के 11 अन्य जिलों में पासपोर्ट शिविर लगाए गए। प्रचार-प्रसार के बाद भी निर्धारित स्लाॅट बुक होने में काफी समय लगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब अन्य जिलों की अपेक्षा सीमांत जिले में बेहद तेजी से स्लाॅट बुक हुए।