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Pithoragarh News: कब होगा विस्थापन, कब तक सहें बोल्डरों की चोट

Wed, 20 Aug 2025 10:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से मासूम प्रिंस की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत और गुस्सा है। बुधवार को देवत गांव के कई लोग पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट की मांग पर जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि डीएम विनोद गोस्वामी से कहा कि आखिर हमारा सुरक्षित स्थान पर विस्थापन कब होगा और कब तक हमारे अपने बोल्डरों की चपेट में आने से मरते रहेंगे। उन्होंने डीएम से पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट या सुरक्षित विस्थापन की मांग की।
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देवत के ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से पहाड़ी टूटकर बोल्डर गांव में पहुंच रहे हैं। वे लोग दहशत के साए में जी रहे हैं। बोल्डर की चपेट में आने से एक मासूम को काल के गाल में समाना पड़ा। लोगों ने कहा कि पूर्व में भी कई बार प्रशासन से पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट की मांग की गई लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि अब वे अपनों का जीवन और खतरे में नहीं डाल सकते। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पहाड़ी का ट्रीटमेंट नहीं किया या फिर उनका विस्थापन नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। डीएम से मिलने वालों में राजेंद्र सिंह, हरीश सिंह, अरुण कुमार, दीपक सिंह, विजय बम, महेश बम, विजय बहादुर बम, विशाल दयाल, सुरेंद्र सिंह, गणेश दयाल, बसंती देवी, गंगा देवी, बबीता, जीवंती देवी, इमला देवी, रेनू आदि शामिल रहे।
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दोनों घायलों की हालत में सुधार, मिली छुट्टी
देवत गांव में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से सात वर्षीय सत्यम और उसकी ताई सोनिया देवी घायल हो गए थे। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक दोनों की हालत ठीक है। ऐसे में दोनों को बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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