बदहाल स्थिति में अल्का थल-नैना देवी सड़क। संवाद
थल (पिथौरागढ़)। अल्काथल-नैनादेवी सड़क पर क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। बारिश में ध्वस्त सड़क का सुधारीकरण नहीं किया गया। इससे उलट कच्ची सड़क बनाकर आवाजाही शुरू करा दी गई। बदहाल कच्ची सड़क पर खतरे के बीच सफर करना यात्रियों और वाहन चालकों की मजबूरी बना है।
बीते आपदा काल में अल्काथल-नैना देवी सड़क ध्वस्त हो गई थी। चार महीने बाद बमुश्किल नई सड़क बनाकर आवाजाही शुरू कराई। अब कच्ची सड़क की मिट्टी इतनी भुरभुरी हो चुकी है कि भारी वाहन बमुश्किल इस पर आवाजाही कर रहे हैं। सड़क से गुजरने में राशन और अन्य सामान वाले भारी वाहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि बच्चों को उतारकर स्कूल बस सड़क पार कर रही है। यह सड़क अल्काथल, रजगौड़ा, नैनादेवी, कन्यूरी,खोली, दड़माल, किमल्टा और धिंगतड़ के एक 12 से अधिक गांवों की पांच हजार से अधिक की आवाजाही का एकमात्र जरिया है। सुधारीकरण न होने से क्षेत्र के लोग इस पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने जल्द सड़क का सुधारीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
जब तक इस डेंजर जोन पर सड़क की दीवार का निर्माण नहीं करता है तब तक भारी वाहन यहां से पास नहीं हो सकेंगे। विभाग को जल्द सड़क का सुधारीकरण करना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। - मनीष सत्याल, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख, डीडीहाट
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दैवीय आपदा मद में अल्काथल- नैना देवी सड़क के साथ थल-बलतिर सड़क के सुधारीकरण के लिए आंगणन तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृति का इंतजार है। - तारा सिंह, सहायक अभियंता, लोनिवि, डीडीहाट