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Pithoragarh News: डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के निवालों पर लग गया ताला

Mon, 02 Jun 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में कलक्ट्रेट के बाहर धरना देते सस्ता गल्ला विक्रेता। संवाद
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पिथौरागढ़। सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने एक जून से राशन न बांटने का एलान करते हुए सरकारी राशन की दुकानों पर ताले लगा दिए हैं। जिले भर में 780 दुकानों पर ताला लगने से डेढ़ लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को सरकारी राशन नहीं मिल पाएगा। सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने प्रदर्शन चेतावनी दी कि उनकी पांच सूत्री मांगें पूरी होने तक वे राशन का वितरण नहीं करेंगे। यदि उन पर दबाव डाला गया तो वे सरकार को सामूहिक इस्तीफा सौंप देंगे।
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जिले भर के सस्ता गल्ला विक्रेता सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे और कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि लंबित बिलों के भुगतान, सभी खाद्यान्न गोदामों में धर्मकांटा लगाने, मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। लंबित बिलों का भुगतान न होने से वे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
धर्मकांटे न लगने से खाद्यान्न गोदामों से उन्हें बगैर तौल के राशन दिया जा रहा है जो मानकों के अनुरूप बेहद कम है। सरकार उनकी दुकानों पर ई-पॉस मशीन लगाकर उनसे दाने-दाने का हिसाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि अब जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे राशन का वितरण नहीं करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में कैलाश जोशी, अनिल जोशी, महेंद्र चंद्र, शेर सिंह, प्रेम परिहार, गिरधर सिंह पांगती, दीवान सिंह, ललित महर, सोबन सिंह कार्की सहित कई सस्ता गल्ला विक्रेता शामिल रहे।
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मानसूनकाल में होगी दिक्कत
मानसूनकाल नजदीक है और इसे देखते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में दो से तीन महीने का राशन वितरण एक साथ करने के निर्देश जारी हुए हैं। सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मानसूनकाल से पहले ही दुकानों में ताला लगाते हुए राशन वितरण बंद कर दिया है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मानसूनकाल से पहले राशन मिलना मुश्किल है। ऐसे मे समय रहते राशन की दुकानों के ताले नहीं खुले तो मानसूनकाल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ये हैं सस्ता गल्ला विक्रेताओं की मांग
कोरोना काल में बांटे गए खाद्यान्न का लाभांश दिया जाए।
पहले खाद्यान्न गोदामों में धर्मकांटे लगाए जाएं, फिर दुकानों में ई-पॉस मशीन लगे
वर्ष 2015 से आज तक के लंबित बिलों का भुगतान किया जाए।
उचित मानदेय की व्यवस्था की जाए।
एक क्विंटल राशन पर पांच किलो छीजन की व्यवस्था हो।
कोट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि आम जनता को खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। जनहित में सभी सस्ता गल्ला विक्रेताओं से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का आह्वान किया गया है। प्रशासन की ओर से सस्ता गल्ला विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। - विनोद गोस्वामी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़
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