शंखनाद जनचेतना मंच ने विधानसभा चुनाव के समय जनता के मुद्दों पर आधारित जन घोषणापत्र जारी किया है। इसमें मांग की गई है कि प्रदेश में जो भी सरकार बने वह सबसे पहले पूर्ण शराबबंदी का ऐलान करे। जन घोषणापत्र को आम जनता की भावनाओं का दस्तावेज बताते हुए कहा गया कि इसमें किसी भी राजनीतिक दल की नीतियों का कोई समर्थन नहीं है। युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने के प्रमुख मुद्दे इसमें शामिल किए गए हैं और इसे परिणाम आने पर सरकार बनाने वाली पार्टी को सौंपा जाएगा।
जन घोषणापत्र को तैयार करने वाले शंखनाद जनचेतना मंच के निदेशक ललित शौर्य ने कहा कि इसमें नशे का कारोबार करने वालों को सख्त सजा देने, पहाड़ पर रोजगार के नए उपाय करने, उद्योग धंधों को बढ़ावा देने, पलायन रोकने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने, गांवों को सुविधा से जोड़ने, खेती को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवरों से बचाव के ठोस उपाय करने, प्यासे गांवों और शहरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, सुरक्षित यात्रा के लिए पक्की सड़कों का निर्माण करने, दैवी आपदा से प्रदेश को बचाने के लिए उत्तम अलर्ट सिस्टम तैयार करने, खनन माफिया पर अंकुश लगाने, पवित्र नदियों को संरक्षित करने, कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती से रोक लगाने, साहित्यकारों का प्रोत्साहन और क्षेत्रीय भाषाओं का समुचित विकास करने, स्वास्थ्य सेवाओं का ग्रामीण स्तर पर विस्तार करने, सरकारी शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार लाने और उत्तम विद्युत व्यवस्था करने जैसे मुद्दे रखे गए हैं।
जन घोषणापत्र जारी करते समय डा. गुरुकुलानंद कच्चाहारी, गंगादत्त जोशी, डा. तारा सिंह, नवीन चंद्र शर्मा, आयुष जोशी, संदीप महरा, सुंदर सिंह, दीक्षितानंद द्विवेदी, इंद्रजीत सिंह, कैलाश चंद्र, रवि सिंह परिहार, प्रदीप भट्ट आदि मौजूद थे।