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Pithoragarh News: थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया और रातिगाड़ की दरकती पहाड़ियों का टीएचडीसी करेगी ट्रीटमेंट

Sat, 10 Jan 2026 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर डेंजर जोन हरड़िया का निरीक्षण करती विशेषज्ञों की टीम। संवाद
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नाचनी(पिथौरागढ़)। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण थल-मुनस्यारी सड़क पर मुसीबत बनी सालों से दरक रही हरड़िया और रातीगाड़ की पहाड़ी का जल्द स्थायी ट्रीटमेंट होगा। टिहरी हाइड्रो डेवलपलेंट कारपोरेशन(टीएचडीसी) को यह जिम्मेदारी मिली है। दोनों पहाड़ियों का ट्रीटमेंट होने से इस सड़क पर आवाजाही सुगम होने के साथ ही पर्यटकों, चीन सीमा पर सुरक्षा में तैनात जवानों और क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को खतरे से निजात मिलेगी।
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सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया और रातीगाड़ में सालों से दरक रही पहाड़ी हर आपदा काल में मुसीबत बन रही हैं। इन पहाड़ियों से हर मौसम में भूस्खलन जारी है। हालात यह हैं कि आपदा काल में पहाड़ी दरकने से कई हफ्ते तक आवाजाही बंद रहती है। अब इस गंभीर समस्या से जल्द निजात मिलने की उम्मीद है। आवाजाही में रोढ़ा बनी इन दोनों पहाड़ियों का जल्द ट्रीटमेंट होगा इसकी जिम्मेदारी टीएचडीसी को दी गई है। ट्रीटमेंट की डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए देहरादून से टीएचडीसी के विशेषज्ञों की टीम यहां पहुंची और निरीक्षण किया। बता दें कि हरड़िया में लगभग 250 मीटर और रातिगाड़ में 200 मीटर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाना है।

आधुनिक तकनीक से होगा ट्रीटमेंट
निरीक्षण दल में शामिल लोनिवि डीडीहाट के सहायक अभियंता तारा सिंह ने बताया कि हरड़िया और रातीगाड़ की पहाड़ी का आधुनिक तकनीक से ट्रीटमेंट होगा। वरुणावत पर्वत की तर्ज पर दोनों पहाड़ियों का ट्रीटमेंट किया जाना है। दोनों पहाड़ियों के नीचे की तरफ बहने वाली रामगंगा के कटाव को रोकने के लिए भी तटबंध बनाए जाएंगे। निरीक्षण टीम में टीएचडीसी के जीएम नीरज अग्रवाल, जेआर कोठारी, अपर सहायक अभियंता कृष्णा पिपलिया, हरीश कुमार आदि शामिल रहे। संवाद
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