अपने खर्च पर प्राइवेट बस बुक कर देहरादून से आसाम जा रहे छात्रों को चालक ने पूरा भुगतान कैश में ना करने पर सड़क पर उतार दिया। छात्रों ने हंगामा किया तो पुलिस ने मौके पर आकर चालक की खबर ली, तब जाकर बस आसाम के लिए रवाना हो सकी। लॉक डाउन में राजधानी में पढ़ने वाले आसाम के छात्र भी फंसे थे। आसाम सरकार से अनुमति मिलने के बाद करीब 23 छात्रों ने घरों को जाने के लिए अपने खर्च पर एक लाख 80 हजार रुपये में बस बुक की थी। इसमें एक लाख रुपये कैश दिए गए थे। बाकी रकम खाते में ट्रांसफर होनी थी।
शनिवार को बस 23 छात्रों को लेकर तेल लेने आइएसबीटी रोड के पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। तकनीकी कारणों से रकम ट्रांसफर नहीं हुई तो चालक पूरा भुगतान कैश में करने की जिद पर अड़ गया। कैश मिले बिना बस आगे नहीं जायगी। छात्रों ने खूब भरोसा दिलाने की कोशिश की, लेकिन चालक ने जानी मना कर दिया। छात्रों ने बीच सड़क पर उतारने पर नाराजगी जताई।
सूचना पर सीओ सदर अनुज कुमार और इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी वहाँ आ गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चालक छात्रों को लेकर आसाम जाने को राजी हुआ। सीओ ने बताया कि एक लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। बाकी के 80 हजार रुपये बस स्टाफ नकद मांग रहा था। दोनों पक्षों में बातचीत कराकर बस को रवाना किया गया।