धारचूला में बनाया गोलज्यू मंदिर
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धारचूला में गोलज्यू देवता का मंदिर बनाया गया है। इस मंदिर में चितई मंदिर से लाई गई गोलू देवता की प्रतिमा को विधि विधान से स्थापित किया गया। धारचूला क्षेत्र में गोलू देवता का यह पहला मंदिर है।
मंदिर की स्थापना करने वाले रमेश चंद्र ढकरियाल ने बताया कि उनके पूर्वज कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान चंद राजवंश के प्रसिद्ध राजा बाज बहादुर चंद के साथ गए थे। उसी दौरान राजा ने दारमा क्षेत्र में मालगुजारी वसूली का दायित्व ढकरियाल परिवार के कीर्तिबल्लभ को सौंपा था। बाद में उन्हें फौजदार की उपाधि भी दी गई। इसके बाद नई पीढ़ी गोलू देवता की पूजा-अर्चना नियमित नहीं कर सकी।
10वीं पीढ़ी ने मंदिर स्थापित कर पूजा करने का निर्णय लिया। इसके लिए धारचूला में गोलू देवता का मंदिर स्थापित किया गया। इसके बाद अल्मोड़ा के चितई गोलू मंदिर से ढोल-नगाड़ों के साथ गोलू देवता की प्रतिमा लाई गई। विधि-विधान से मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया गया। गोलू देवता मंदिर परिसर में काल भैरव और देवी मंदिर की स्थापना भी की गई है।