इस बार के मौसम की स्थिति को देखकर ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पहाड़ पर भी लोगों को गर्मी खूब झुलसाएगी। मार्च में ही अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री रिकार्ड किया गया। अप्रैल और मई में गर्मी का प्रचंड असर होने की संभावना है। इस बार हालांकि मार्च में होली से पहले पहाड़ पर बारिश, ओलावृष्टि हुई थी। इसके बावजूद तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार मार्च में पांच दिन बारिश हुई और इस अवधि में कुल 31.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मुनस्यारी और धारचूला में बारिश की मात्रा इससे भी अधिक रही। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह से लगातार धूप के चलते तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। वर्ष 2016 में पिथौरागढ़ में मार्च का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री से ज्यादा नहीं रहा। यह 25 मार्च को रिकार्ड किया गया, जबकि पिछले साल सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 26 मार्च को 13.6 डिग्री रिकार्ड किया गया था। पिछले साल मार्च में गर्मी का असर कम रहने के पीछे एक कारण यह भी था कि उस बार सात दिन बारिश हुई और कुल 63.5 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। मार्च में हुई अच्छी बारिश से पानी के स्रोतों को जीवनदान मिलता रहा।
दो-तीन दिन तक सूखा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक मौसम सूखा बना रहेगा। दो अप्रैल से हल्के और मध्यम स्तर के बादल छाने की उम्मीद है। उसके बाद मौसम में थोड़ी सी तब्दीली आ जाएगी। मौसम विभाग आगे के मौसम की स्थिति पर बराबर नजर रखे है।