बंगापानी में तहसील को खुले बृहस्पतिवार को एक वर्ष पूरा हो गया है। अब तक यहां पर न तो एसडीएम की तैनाती हो पाई है और न पूर्णकालिक तहसीलदार ही नियुक्त हुआ है।
धारचूला और मुनस्यारी के मध्य में पड़ने वाली इस तहसील के अंतर्गत आने वाले लोगों को आज भी जरूरी कामों के लिए धारचूला, मुनस्यारी ही जाना पड़ रहा है।
उधर, गणाईगंगोली में तहसील को खुले 15 महीने हो गए हैं। वहां भी स्थायी तहसीलदार की तैनाती नहीं हुई है। भाजपा नेता जगत मर्तोलिया का कहना है कि जब सरकार अफसरों और स्टाफ की तैनाती नहीं कर पा रही है तो ऐसे तहसीलों को खोलने का क्या फायदा।
इधर, वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने कहा है कि बंगापानी में जल्दी ही स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति होगी और पटवारियों के रिक्त पदों पर भी जल्दी ही नियुक्ति की जाएगी।