वैसे सरकारी विभाग धन की कमी का रोना रोते रहते हैं, लेकिन इस जिले में लोनिवि समेत कई विभाग ऐसे हैं जिनको जिला योजना में पर्याप्त धनराशि मिलने के बावजूद एक भी पैसा खर्च नहीं किया। सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार लोनिवि के व्यय का प्रतिशत शून्य है।
कुछ विभाग ऐसे हैं जो जनवरी तक पूर्ण धनराशि खर्च कर चुके हैं इनमें पर्यटन विभाग, रेशम विभाग, दुग्ध विकास विभाग, मत्स्य पालन विभाग शामिल हैं। अन्य विभागों में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने करीब 98 प्रतिशत राशि खर्च की है।
सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार जिला योजना में 61 करोड़ 2 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया था। इसमें से शासन से 50 करोड़ 25 लाख रुपये मिले। इस राशि में से 26 करोड़ 28 लाख रुपये विभिन्न विभागों को खर्च के लिए दिए। अब तक सभी विभागों के खर्च का प्रतिशत करीब 43 बैठ रहा है।
इसी तरह राज्य योजना में 1.81 अरब का अनुमोदन हुआ, इसमें से शासन से 1.70 अरब रुपये अवमुक्त हुए। इस राशि में से अब तक 76 प्रतिशत खर्च हुआ है। केंद्र की योजनाओं में भी 1.51 अरब रुपये का अनुमोदन हुआ। शासन से 1.38 अरब रुपये मिले। अब तक 87 प्रतिशत खर्च हो पाया है।
सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला योजना में लोनिवि डीडीहाट ने मात्र 9.25 प्रतिशत राशि खर्च की है, जबकि सामुदायिक विकास में 34 प्रतिशत, माध्यमिक शिक्षा में 97 प्रतिशत, अनुसूचित जाति कल्याण में 11 प्रतिशत, पिछड़ी जाति कल्याण में 3 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है।
कृषि विभाग का खर्चा 63.64 प्रतिशत है। सांख्यिकी विभाग के अनुसार सभी विभागों के खर्च का कुल प्रतिशत जनवरी अंत तक मात्र 43.3 प्रतिशत बैठ रहा है। इस तरह जिला योजना में अभी भी कम से कम 50 फीसदी राशि खर्च होनी है जबकि वित्तीय वर्ष के मात्र डेढ़ महीने शेष बचे हैं।
यह है विभागों के खर्च की स्थिति
विभाग का नाम अवमुक्त राशि खर्च की गई राशि
लोनिवि पिथौरागढ़ 2.30 करोड़ 0.00
लोनिवि डीडीहाट 2.35 करोड़ 20.0 लाख
लोनिवि अस्कोट 2.14 करोड़ 0.00
लोनिवि बेड़ीनाग 2.28 करोड़ 0.00
जल संस्थान पिथौरागढ़ 4.24 करोड़ 2.00 करोड़
जल संस्थान डीडीहाट 2.46 करोड़ 1.14 करोड़
जल निगम पिथौरागढ़ 3.13 करोड़ 1 करोड़
जल निगम गंगोलीहाट 1.89 करोड़ 1 करोड़
जल निगम डीडीहाट 2.86 करोड़ 1.5 करोड़
वन विभाग 1.91 करोड़ 94.70 लाख
उरेडा 1.33 करोड़ 0.00
सिंचाई खंड पिथौरागढ़ 2.13 करोड़ 1.07 करोड़
सिंचाई खंड धारचूला 47.38 लाख 15.56 लाख
पर्यटन विभाग 149.88 लाख 149.88 लाख
दुग्ध विकास 81.77 लाख 81.77 लाख