कुमाऊं रायफल्स के आपरेशन मिलाप कार्यक्रम के लिए रवाना होती टीम
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कुमाऊं रायफल्स के शताब्दी समारोह की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। भारतीय सेना में कुमाऊंनियों की पहली बटालियन 3 कुमाऊं रायफल्स इस आयोजन को भव्य तरीके से मनाएगी। एक जून से पिथौरागढ़ में ऑपरेशन मिलाप कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण देने के लिए सोमवार को कई टीमें रवाना हो गई हैं। यह टीमें कुमाऊं के 28 विकासखंडों में जाएगी और 3 कुमाऊं रायफल्स के 2300 पूर्व सैनिकों, 29 वीरांगनाओं को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण देगी।
कुमाऊं रायफल्स की स्थापना 23 अक्तूबर 1917 को हुई थी। इस बटालियन की सबसे पुरानी यूनिट 3 कुमाऊं रायफल्स है, जो इस समय पिथौरागढ़ में तैनात है। 3 कुमाऊं रायफल्स ऐसी बटालियन है जिसमें सभी सैनिक कुमाऊं मंडल के ही हैं। सोमवार को ऑपरेशन मिलाप आमंत्रण के लिए टीमों को रवाना करते समय जानकारी दी गई कि इस सेना ने प्रथम विश्वयुद्ध, द्वितीय विश्वयुद्ध, भारत-पाक युद्ध, उत्तर पूर्वी राज्यों में घुसपैठ को रोकने के लिए अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। साथ ही दुश्मनों के दांत खट्टे किए और देशद्रोहियों को सबक सिखाया।
एक से 30 जून तक चलने वाले ऑपरेशन मिलाप कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सोमवार को रिटायर्ड मेजर जनरल आरके कौशल की उपस्थिति में बिग्रेडियर राकेश मनोचा एवं अन्य अधिकारियों ने टीम को रवाना किया।