हाट गांव की स्थिति का जायजा लेते भूवैज्ञानिक
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हाट गांव में सोमवार सुबह हुए भारी भूस्खलन के कारणों का पता लगाने के लिए मंगलवार को भूवैज्ञानिकों की टीम पहुंची। टीम के सदस्यों ने कहा कि अब भी पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा है। लोगों से अपील की गई कि वह भूस्खलन प्रभावित हिस्से में आवाजाही न करें। तहसील प्रशासन से भी इसके लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। भूस्खलन की जद में आए ऐंजल्स कान्वेंट स्कूल को फिलहाल बंद कर दिया गया है। स्थिति सामान्य होने तक अभिभावकों से कहा गया है कि वह अपने बच्चों को स्कूल न भेजें।
पिथौरागढ़ से आए भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार और उनके सहयोगी डीएस बोनाल ने हाट गांव में उस स्थान की स्थिति देखी जहां से सोमवार को भूस्खलन हुआ था। प्रदीप कुमार ने बताया कि पहाड़ की चोटी पर दो बड़े पत्थर लटके हैं। यह किसी भी समय गिर सकते हैं। ऐसे में प्रभावित इलाके में आवाजाही न की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट के जरिए भूस्खलन को रोका जा सकता है। यह स्थान इसलिए भी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि इसकी तलहटी पर आबादी है। उन्होंने तहसील प्रशासन से कहा कि वह इस दिशा में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। भूस्खलन की घटना के पीछे मुख्य कारण यह बताया गया कि चट्टानों की दरारों में पानी का जमाव हो गया था और गर्मी पड़ते ही यह पानी चट्टानों को तोड़ते हुए बाहर निकल आया।
ऐंजल्स स्कूल के प्रबंधक गौतम कन्याल ने बताया कि स्कूल का एक कमरा, खेल मैदान, चहारदीवारी पूरी तरह नष्ट हुई। अभी स्कूल में पढ़ाई शुरू कर पाना संभव नहीं है। कुछ समय के लिए स्कूल बंद कर दिया गया है। राजस्व उपनिरीक्षक हुकम सिंह धामी ने कहा कि एसडीएम आरके पांडे ने लोगों को जागरूक करने के लिए राजस्व पुलिस की ड्यूटी लगाई है।